नई दिल्ली: मॉनसून सीजन की शुरुआत के साथ ही टमाटर की कीमतों में तेजी देखने को मिली थी, लेकिन अब इसमें गिरावट का रुख दिखने लगा है। शुक्रवार को प्रमुख टमाटर उत्पादक राज्यों की विभिन्न मंडियों में आवक और भाव दोनों में बदलाव देखने को मिला। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कई मंडियों में जहां कीमतों में गिरावट दर्ज हुई, वहीं उत्तर प्रदेश के किसानों को अपेक्षाकृत बेहतर दाम मिले।
मध्य प्रदेश की मंडियों में टमाटर का भाव
राज्य की प्रमुख मंडियों में टमाटर का औसत भाव स्थिर से कमजोर रहा। बड़वानी मंडी में नॉन-एफएक्यू टमाटर का भाव 1200 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज हुआ। बैतूल मंडी में देसी किस्म का टमाटर 1200 से 1600 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिका और मॉडल रेट 1400 रुपये रहा। कटनी मंडी में टमाटर 1000 से 1200 रुपये प्रति क्विंटल में रहा। वहीं मुरैना की सबलगढ़ मंडी में देसी किस्म का टमाटर 2000 रुपये प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा।
महाराष्ट्र की मंडियों में टमाटर की कीमतें
महाराष्ट्र में मंडियों के भाव मिश्रित रहे। जलगांव की भुसावल मंडी में लोकल टमाटर का भाव 2000 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहा और मॉडल कीमत 2500 रुपये दर्ज हुई। पुणे की खेड़ (चाकण) मंडी और पुणे मुख्य मंडी में टमाटर 1000 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल बिका। सोलापुर की मंगल वेधा मंडी में कीमतें 200 से 1600 रुपये के बीच रहीं। रायगढ़ की पनवेल मंडी में 3000 से 3500 रुपये तक के भाव दर्ज हुए, जबकि अहमदनगर की राहता, संगमनेर और श्रीरामपुर मंडियों में न्यूनतम 250 रुपये से लेकर अधिकतम 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव देखने को मिले।
उत्तर प्रदेश की मंडियों में बेहतर दाम
उत्तर प्रदेश की कई मंडियों में किसानों को अच्छा भाव मिला। बागपत की बड़ौत मंडी में हाइब्रिड टमाटर 3000 से 3250 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। बिजनौर मंडी में 2780 से 2850 रुपये प्रति क्विंटल के बीच कीमतें रहीं। सहारनपुर की छुटमलपुर मंडी में 2400 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दर्ज हुए। फतेहपुर मंडी में देसी किस्म का टमाटर 3000 से 3200 रुपये तक बिका। मैनपुरी, हरदोई और इटावा की मंडियों में भी कीमतें 2570 से 3080 रुपये प्रति क्विंटल तक रही।
बाजार का रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और फसल की आवक के आधार पर टमाटर की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल, जहां मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के किसानों को कम भाव मिल रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के किसान टमाटर की ऊंची कीमतों से राहत महसूस कर रहे हैं।

