Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

अब तक उत्तर प्रदेश के इतने किसानों को मिला सोलर पंप का लाभ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना के तहत किसानों को सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक प्रदेश के 93,062 किसान इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, जिससे उन्होंने अपनी सिंचाई लागत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य सरकार किसानों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाबद्ध ढंग से सोलर पंप वितरण को प्राथमिकता दे रही है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जा रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में इस योजना की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और बड़ी संख्या में किसान परंपरागत सिंचाई साधनों की जगह सोलर पंप को अपना रहे हैं।

आवेदन प्रक्रिया और पात्रता

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान www.agridarshan.up.gov.in वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित की जा रही है। पंजीकरण के समय किसानों को 5000 रुपये टोकन मनी के रूप में ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य है। सोलर पंप की श्रेणियों के अनुसार किसानों के पास क्रियाशील बोरिंग और उपयुक्त जलस्तर होना चाहिए। जैसे – 2 HP सोलर पंप के लिए 4 इंच की बोरिंग, 3 HP एवं 5 HP के लिए 6 इंच की बोरिंग और 7.5 HP एवं 10 HP पंप के लिए 8 इंच की बोरिंग अनिवार्य है। इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी जिलों और विकास खंडों में उपलब्ध है। सरकार ने विकास खंडवार लक्ष्य भी निर्धारित किए हैं ताकि योजनाबद्ध तरीके से अधिक से अधिक किसानों को इसका फायदा मिल सके।

कृषि मंत्री ने गिनाए सोलर पंप के फायदे

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि यह योजना किसानों को केवल सस्ती और निःशुल्क बिजली का विकल्प ही नहीं देती, बल्कि डीजल पंपों पर निर्भरता भी घटाती है, जिससे उनकी लागत में उल्लेखनीय कमी आती है। साथ ही पर्यावरण सुरक्षा और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी यह योजना सकारात्मक प्रभाव डाल रही है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पद्धति किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद कर रही है।

बढ़ रही है किसानों की रुचि

बढ़ती डीजल कीमतों और बिजली की सीमित उपलब्धता के बीच सोलर सिंचाई पंप किसानों के लिए एक व्यवहारिक और आर्थिक विकल्प बनकर उभरे हैं। विशेष रूप से वे छोटे और सीमांत किसान जो डीजल पंप की लागत वहन नहीं कर पाते, अब सोलर पंप की सहायता से अपनी फसलों की सिंचाई समय पर कर पा रहे हैं। इससे उनकी उपज और आय दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

योगी सरकार की यह पहल राज्य के किसानों को न केवल तकनीकी रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से भी मजबूत कर रही है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था राज्य में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ जलवायु संरक्षण और खेती के आधुनिकीकरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास बनकर उभर रही है। आने वाले वर्षों में यह योजना उत्तर प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

Exit mobile version