नई दिल्ली: भारत सरकार ने जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के लिए खुले बाजार बिक्री योजना के तहत टूटे चावल की बिक्री का न्यूनतम मूल्य तय कर दिया है। सरकार ने कच्चे और उबले हुए दोनों तरह के टूटे चावल के लिए 2,100 रुपये प्रति क्विंटल का रिजर्व प्राइस निर्धारित किया है। यह फैसला बाजार में चावल की उपलब्धता बढ़ाने और इसकी बिक्री को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह रिजर्व प्राइस 30 सितंबर 2026 तक होने वाली नीलामी पर लागू रहेगा। नीलामी के बाद चावल की उठान या आपूर्ति की तारीख का इस निर्धारित मूल्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह पहली बार है जब सरकार ने खुले बाजार बिक्री योजना के तहत टूटे चावल के लिए अलग से रिजर्व प्राइस तय किया है। यह घोषणा 20 अगस्त को हुई गतिशील रिजर्व मूल्य समिति की बैठक के बाद की गई।
क्या है खुले बाजार बिक्री योजना?
खुले बाजार बिक्री योजना के तहत सरकार अपने भंडार में मौजूद खाद्यान्न का एक हिस्सा खुले बाजार में बेचती है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में अनाज की उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करना है। जब बाजार में किसी खाद्यान्न की कीमत बढ़ने लगती है या उसकी उपलब्धता कम होने की आशंका रहती है, तब सरकार अपने भंडार से अनाज की बिक्री कर सकती है। इससे बाजार में आपूर्ति बढ़ती है और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
खुले बाजार में कीमत और नीचे आने की संभावना
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार खुले बाजार में टूटे चावल की कीमत सरकार द्वारा निर्धारित 2,100 रुपये प्रति क्विंटल के रिजर्व मूल्य से भी नीचे जा सकती है। इसकी प्रमुख वजह आने वाले समय में चावल की आवक बढ़ने की संभावना बताई जा रही है। यदि बाजार में चावल की आपूर्ति बढ़ती है तो कीमतों पर दबाव बन सकता है। ऐसे में कारोबारियों और अन्य खरीदारों को खुले बाजार में अपेक्षाकृत कम कीमत पर टूटे चावल उपलब्ध होने की संभावना है।
कारोबारियों को मिलेगा खरीद का विकल्प
सरकार के इस फैसले से चावल कारोबारियों और अन्य पात्र खरीदारों को नीलामी के माध्यम से टूटे चावल खरीदने का विकल्प मिलेगा। खुले बाजार में अतिरिक्त चावल पहुंचने से आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होने और कीमतों को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है। फिलहाल कच्चे और उबले हुए टूटे चावल दोनों के लिए 2,100 रुपये प्रति क्विंटल का रिजर्व प्राइस तय किया गया है। यह मूल्य 30 सितंबर 2026 तक होने वाली नीलामी के लिए लागू रहेगा।
ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द

