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प्याज खरीद की कीमत में सरकार ने फिर से की बढ़ोतरी

The government has again increased the purchase price of onion

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज खरीद को गति देने के उद्देश्य से इस सीजन में छठी बार न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य बढ़ा दिया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार महाराष्ट्र में प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। नई दर 30 जुलाई 2026 से लागू हो गई है। इसके साथ ही अब सरकारी खरीद में केवल ग्रेड-ए गुणवत्ता वाले प्याज को ही शामिल किया जाएगा, जबकि ग्रेड-यूआरएस श्रेणी की खरीद बंद कर दी गई है।

बफर स्टॉक बढ़ाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब तक केवल लगभग 1.05 लाख टन प्याज की ही खरीद हो सकी है। लक्ष्य से कम खरीद होने के कारण सरकार ने खरीद मूल्य बढ़ाकर किसानों को बेहतर भाव देने और अधिक मात्रा में प्याज की खरीद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। बाजार जानकारों का मानना है कि खरीद की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि निर्धारित लक्ष्य पूरा किया जा सके।

कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद करेगा बफर स्टॉक

सरकार बफर स्टॉक का उपयोग कीमत स्थिरीकरण व्यवस्था के तहत करती है। जब सितंबर से नवंबर के बीच बाजार में प्याज की आपूर्ति कम होती है और कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तब इसी भंडार से प्याज जारी कर बाजार में संतुलन बनाए रखा जाता है। इससे उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बाजार में अत्यधिक मूल्य वृद्धि को रोकने में मदद मिलती है।

खुदरा और थोक बाजार में भी बढ़े प्याज के दाम

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार 29 जुलाई तक देश में प्याज का औसत खुदरा मूल्य लगभग 35 रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया, जो एक महीने पहले की तुलना में करीब 20 प्रतिशत और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं थोक बाजारों में औसत कीमत लगभग 2,760 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई, जिससे बाजार में मजबूती का रुख बना हुआ है।

सरकार ने उपलब्धता को बताया संतोषजनक

सरकार का कहना है कि कीमतों में वृद्धि के बावजूद देश में प्याज की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल आपूर्ति में किसी बड़ी कमी के संकेत नहीं हैं।

खरीद अभियान को तेज करने की तैयारी

सरकारी एजेंसियां लगातार खरीद अभियान चला रही हैं। प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में अनेक खरीद केंद्र संचालित किए जा रहे हैं ताकि किसानों से सीधे प्याज खरीदा जा सके। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में खरीद की गति और बढ़ेगी तथा बफर स्टॉक के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में तेजी आएगी।

किसानों ने जताई लागत और गुणवत्ता नियमों पर चिंता

प्याज उत्पादक किसानों का कहना है कि खेती और भंडारण की लागत लगातार बढ़ रही है। उनका मानना है कि भंडारण के दौरान होने वाले नुकसान के कारण वर्तमान खरीद मूल्य पर भी पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने यह भी चिंता जताई है कि अब केवल निर्धारित आकार और बेहतर गुणवत्ता वाले प्याज की सरकारी खरीद होने से बड़ी मात्रा में उपज खरीद से बाहर रह सकती है। वहीं सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण भंडारण सुनिश्चित करने और भविष्य में बाजार में स्थिर आपूर्ति बनाए रखना है।

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