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आम की सही तुड़ाई है किसानों की कमाई का राज, जानिए कब और कैसे तोड़ें आम का फल

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इस समय बाजारों में आम पूरी तरह छाए हुए हैं। आम प्रेमी इसकी अलग-अलग किस्मों का स्वाद ले रहे हैं, वहीं किसान अपने बगीचों में इसकी तुड़ाई और बिक्री में व्यस्त हैं। लेकिन आम की खेती से सही मुनाफा तभी संभव है जब फल की तुड़ाई वैज्ञानिक तरीके से और उचित समय पर की जाए। गलत तरीके या समय से की गई तुड़ाई के कारण फल की गुणवत्ता पर असर पड़ता है और बाजार में उचित कीमत नहीं मिल पाती।

आम की तुड़ाई सिर्फ एक सामान्य प्रक्रिया नहीं है बल्कि यह सीधे फसल की गुणवत्ता, उसकी कीमत और बिक्री पर असर डालती है। तुड़ाई करने का तरीका, उसका समय और उसमें बरती गई सावधानियां इस बात को तय करती हैं कि बाजार में किस दाम पर आम बिकेगा और उसकी निर्यात क्षमता कैसी रहेगी।

आम के एक फल को मंजर से लेकर पूरी तरह परिपक्व होने में लगभग 120 से 140 दिन लगते हैं। यह समय किस्म के अनुसार थोड़ा कम या ज्यादा हो सकता है। जब आम पकने के करीब होता है तो उसका रंग थोड़ा बदलने लगता है, हल्की सी पीली झलक दिखती है और कुछ किस्मों पर सफेद मोमी परत भी नजर आती है। इसके अलावा जब बगीचे में कुछ फल अपने आप गिरने लगते हैं तो यह संकेत होता है कि तुड़ाई का सही समय आ गया है।

आम तोड़ने का सबसे अच्छा समय सुबह सूर्योदय से पहले या शाम के समय होता है। तेज धूप में तुड़ाई करने से फलों की नमी और स्वाद प्रभावित होते हैं। एक ही पेड़ के सभी फल एक साथ नहीं पकते, इसलिए तुड़ाई दो से तीन बार में अंतराल के साथ करनी चाहिए ताकि सभी फल पूरी तरह पके हुए मिलें।

तुड़ाई करते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि फल जमीन पर न गिरे। इसके लिए नायलॉन नेट और ब्लेड वाले विशेष हार्वेस्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे फल सुरक्षित तरीके से पेड़ से काटे जा सकते हैं और उनकी गुणवत्ता बनी रहती है। तुड़ाई के दौरान यह भी ध्यान रहे कि फल से निकलने वाला रस उसकी त्वचा पर न लगे क्योंकि इससे दाग पड़ सकते हैं जो उसकी बिक्री कीमत कम कर देते हैं।

तोड़े गए आमों को तुरंत छायादार जगह पर इकट्ठा करना चाहिए। फिर साफ पानी से धोकर सुखाने के बाद ही उन्हें भंडारण या परिवहन के लिए भेजना चाहिए। तुड़ाई से पहले किसी भी प्रकार के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ताकि पकने की प्रक्रिया स्वाभाविक बनी रहे। फल जब बड़ा होने लगे तब बगीचे में सिंचाई बंद कर देनी चाहिए जिससे फल अधिक रसदार और मीठा बन सके। तुड़ाई से तीन सप्ताह पहले थायोफेनेट मिथाइल का छिड़काव करने से तुड़ाई के समय फलों को होने वाली क्षति से बचाव होता है। आम को 8 से 10 सेंटीमीटर लंबी डंठल के साथ तोड़ना चाहिए ताकि फल अधिक दिनों तक ताजा बना रहे। तुड़ाई के बाद फल सीधे मिट्टी या जमीन के संपर्क में नहीं आने चाहिए ताकि उनकी गुणवत्ता बनी रहे।

आखिरकार आम की तुड़ाई की सही तकनीक ही यह तय करती है कि किसान को कितनी अच्छी कीमत मिलेगी। यदि तुड़ाई वैज्ञानिक तरीके से की जाए तो फलों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है और बाजार में उसकी अच्छी कीमत मिलती है। इसीलिए कृषि विशेषज्ञ और विभाग किसानों को तुड़ाई से लेकर भंडारण तक हर चरण में सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

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