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इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर सब्सिडी व सीमांत किसानों को शिक्षा सहायता की सिफारिश

Subsidy on Electric Tractor

नई दिल्ली: भारत में खेती को सशक्त बनाने के लिए कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण पर स्थायी समिति ने कई अहम सुझाव दिए हैं। समिति का मानना है कि किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर सब्सिडी दी जानी चाहिए और छोटे व सीमांत किसानों के बच्चों की पढ़ाई में भी सरकारी सहायता बढ़ाई जानी चाहिए। इन कदमों से किसानों की आय में सुधार और खेती के आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर अनुदान की सिफारिश

समिति ने कहा है कि वर्तमान में अधिकांश किसान डीजल आधारित ट्रैक्टर का उपयोग करते हैं, जिससे लागत बढ़ती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। बिजली से चलने वाले ट्रैक्टर इस समस्या का समाधान बन सकते हैं। यदि सरकार इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर सब्सिडी दे, तो छोटे और सीमांत किसान भी इन्हें आसानी से खरीद सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।

गांवों में चार्जिंग सुविधा बढ़ाने पर जोर

समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए। यदि गांवों में पर्याप्त चार्जिंग केंद्र उपलब्ध होंगे, तो किसान बिना किसी बाधा के बिजली से चलने वाले ट्रैक्टर का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती में नई तकनीक को अपनाना आसान होगा।

किसानों के बच्चों की शिक्षा में सहायता

छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए समिति ने उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता देने की बात कही है। कई किसान संसाधनों की कमी के कारण अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पाते। यदि सरकार इस दिशा में मदद करती है, तो गांवों के बच्चों को बेहतर अवसर मिलेंगे और उनका भविष्य सुरक्षित होगा।

छोटे किसान भी बढ़ा रहे ट्रैक्टर का उपयोग

समिति की बैठक में यह सवाल भी उठा कि कम जमीन वाले किसान ट्रैक्टर क्यों खरीद रहे हैं। इस पर अधिकारियों ने बताया कि मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत के कारण छोटे किसान भी ट्रैक्टर खरीद रहे हैं। वे अपने खेतों के साथ-साथ दूसरों के खेतों में किराये पर ट्रैक्टर चलाकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।

नई तकनीक के उपयोग पर बल

समिति ने खेती में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही है। इसके माध्यम से किसान पानी और उर्वरक का सही उपयोग कर सकेंगे, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और संसाधनों की बचत होगी।

दुग्ध व्यवसाय में किसानों को लाभ दिलाने की योजना

समिति ने दुग्ध क्षेत्र में भी सुधार की जरूरत बताई है। सरकार ने बताया कि दूध संग्रह केंद्रों को सहकारी समितियों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत हजारों केंद्रों को गांव स्तर की समितियों से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।

कृषि बजट बढ़ाने की मांग

समिति ने यह भी कहा है कि कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को देखते हुए बजट में वृद्धि जरूरी है। अधिक निवेश से नई तकनीकों का विकास होगा और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। समिति के इन सुझावों का उद्देश्य खेती को मजबूत बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। यदि इन सिफारिशों को लागू किया जाता है, तो इससे छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

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