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सोनपुर मेला 2025: कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी का मौका

Sonepur Fair 2025

सोनपुर/पटना: सोनपुर मेला 2025 इस बार किसानों के लिए खास बन गया है। पशु मेले के साथ-साथ इस वर्ष कृषि मेला का भी आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मेले का उद्घाटन हाल ही में किया गया है और आने वाले कई दिनों तक किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी

मेले में विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, जिन पर सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, बाजार में 42,000 रुपये कीमत वाली मशीन पर सामान्य किसानों के लिए 21,000 रुपये और एससी/एसटी किसानों के लिए 24,000 रुपये की सब्सिडी तय की गई है। इसके अलावा मसाला मिल सहित कई अन्य कृषि उपकरणों पर भी अनुदान उपलब्ध है।

ऑनलाइन आवेदन और परमिट की प्रक्रिया

सब्सिडी पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों को पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद संबंधित प्रखंड के कृषि अधिकारी से परमिट लेना जरूरी है। परमिट जारी होने के बाद किसान सीधे मेले में पहुंचकर सब्सिडी पर उपलब्ध यंत्र खरीद सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया सरल और पारदर्शी रखी गई है ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।

पूरे बिहार के किसानों के लिए मौका

यह सुविधा सिर्फ सारण जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बिहार के किसानों के लिए उपलब्ध है। कृषि विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में पटना में भी कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। वहां भी किसान आसानी से सरकारी सब्सिडी पर कृषि यंत्रों की खरीद कर सकेंगे।

सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ

मेले में उपलब्ध कृषि उपकरणों पर मिल रही सब्सिडी राज्य सरकार की योजनाओं का हिस्सा है। जब तक सरकारी अनुदान उपलब्ध रहेगा, किसानों को यह सुविधा मिलती रहेगी। सोनपुर मेला इस बार किसानों के लिए आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाने का बड़ा मौका लेकर आया है, जिससे खेतों में लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

किसानों को मिल रही कृषि सलाह

मेले में किसानों को रबी सीजन की फसलों को लेकर विशेषज्ञ सलाह भी दी जा रही है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगर बुवाई में देरी हो रही हो, तो किसान कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क करें। अधिकारियों ने स्मार्ट खेती, उन्नत तकनीक, और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर विशेष जोर दिया, ताकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में बढ़ोतरी हो सके।

सोनपुर मेला अब केवल पशु खरीद-बिक्री का मंच नहीं रहा, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी यह एक महत्वपूर्ण आयोजन बन चुका है। यहां प्रस्तुत किए गए मॉडल, सलाह और सब्सिडी योजनाएं किसानों की खेती को और अधिक आधुनिक, उन्नत और लाभदायक बना सकती हैं।

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