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भेड़-बकरी पालन है मुनाफे की कुंजी, ऐसे बढ़ेगी पशुपालकों की आय

sheep and goat rearing

मथुरा: भेड़-बकरी पालन में प्रजनन को सबसे अहम कड़ी माना जाता है, क्योंकि इस व्यवसाय में मुनाफे का बड़ा आधार बच्चों की संख्या और उनके जीवित रहने पर टिका होता है. गाय-भैंस पालन में जहां आय का मुख्य स्रोत दूध होता है, वहीं भेड़-बकरी पालन में बच्चों की बिक्री और भविष्य की उत्पादकता ही लाभ तय करती है. यही वजह है कि विशेषज्ञ जन्म से लेकर 20 दिन की उम्र तक भेड़-बकरियों के बच्चों की विशेष देखभाल पर जोर देते हैं.

केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (CIRG), मथुरा के विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती दिनों में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों की मृत्यु दर बढ़ा देती है, जिससे पशुपालकों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. हालांकि कुछ आसान और वैज्ञानिक उपाय अपनाकर इस नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

भेड़-बकरी पालन में बच्चों का महत्व

गोट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बकरी और भेड़ पालन में सबसे अधिक मुनाफा बच्चों से ही होता है. बकरी साल में दो बार बच्चे देती है और यदि दोनों बार दो-दो बच्चे सुरक्षित रहें, तो पशुपालक की आमदनी कई गुना बढ़ सकती है. खासकर मीट उत्पादन के लिए छह महीने की उम्र में ही बच्चों के अच्छे दाम मिलने लगते हैं. वहीं एक साल की उम्र के बाद बकरी दूध उत्पादन के लिए भी तैयार हो जाती है.

जन्म के तुरंत बाद ऐसे करें बच्चे की देखभाल

गोट एक्सपर्ट इकबाल मोहम्मद के अनुसार, बच्चों की मृत्यु दर कम करने के लिए जन्म के साथ ही सही देखभाल और पोषण बेहद जरूरी है.

मौसम के अनुसार रखें खास ध्यान

वैज्ञानिक तरीके से बकरी पालन करने पर आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर या मार्च-अप्रैल में बच्चे जन्म लेते हैं. यह समय न ज्यादा ठंडा होता है और न ज्यादा गर्म, फिर भी बच्चों को मौसम से बचाने की पूरी व्यवस्था जरूरी होती है.

टीकाकरण और पोषण है जरूरी

बच्चे के तीन महीने का होने पर उसका टीकाकरण शुरू करा देना चाहिए. डॉक्टर की सलाह से पेट के कीड़ों की दवा भी समय-समय पर दें. इसके साथ ही बकरी को बच्चे के जन्म से एक से डेढ़ महीने पहले अतिरिक्त पोषण देना जरूरी है.

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पशुपालक इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो भेड़-बकरी के बच्चों की मृत्यु दर में भारी कमी लाई जा सकती है. इससे न केवल पशुपालकों की आय बढ़ेगी, बल्कि भेड़-बकरी पालन एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में और मजबूत होगा.

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