नई दिल्ली: देशभर में प्रीमियम गेहूं की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या सीहोर गेहूं और शरबती गेहूं एक ही किस्म हैं या इनमें फर्क है? कृषि विशेषज्ञों के अनुसार इसका जवाब साफ है असल में ये एक ही प्रीमियम गेहूं की कैटेगरी है। यह गेहूं अपने सुनहरे रंग, मिठास और उच्च गुणवत्ता के कारण देशभर में मशहूर है।
सीहोर और शरबती गेहूं क्या हैं?
शरबती गेहूं की खेती मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर और विदिशा जिलों में की जाती है। इसी कारण इसे बाजार में “सीहोर शरबती गेहूं” या “MP शरबती गेहूं” के नाम से बेचा जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु गेहूं की इस किस्म को अनोखा स्वाद और बनावट देती है।
सीहोर क्षेत्र क्यों है खास?
सीहोर क्षेत्र को भारत में सबसे बेहतरीन क्वालिटी का शरबती गेहूं उत्पादक इलाका माना जाता है। यहां की मिट्टी में मौजूद मिनरल्स, तापमान और कम नमी वाली जलवायु गेहूं की बनावट और गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं। इसी वजह से इस इलाके का गेहूं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम कैटेगरी में शामिल किया जाता है।
शरबती गेहूं का रंग और दाने
शरबती गेहूं की सबसे बड़ी पहचान उसके सुनहरे और बड़े दानों से होती है। आम गेहूं की तुलना में इसके दाने ज्यादा भारी और मजबूत होते हैं। आटा महीन और हल्का होने के कारण इससे बनी चपातियां अधिक नरम बनती हैं।
प्राकृतिक मिठास ने बढ़ाई पहचान
इस गेहूं की एक और खासियत इसका नेचुरली मीठा स्वाद है। ग्लूकोज और सुक्रोज जैसी प्राकृतिक शर्करा इस गेहूं को अन्य किस्मों से अलग बनाती है। यही वजह है कि रोटियां हों या परांठे शरबती गेहूं का आटा बहुत पसंद किया जाता है।
उच्च पोषण क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार MP शरबती गेहूं अन्य किस्मों की तुलना में प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर है। इसमें मैग्नीशियम, फाइबर, विटामिन B, विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं। अध्ययन बताते हैं कि नियमित सेवन से हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
भारत के गेहूं बाजार में मजबूत योगदान
सीहोर जिला अकेले 40,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर शरबती गेहूं उत्पादन करता है। यहां हर साल लगभग 1.09 लाख मीट्रिक टन शरबती गेहूं का उत्पादन होता है, जो भारत के गेहूं बाजार में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस क्षेत्र में उगाई जाने वाली प्रमुख शरबती किस्में कलावल, नर्मदा-4, अमर और हर्षिता उच्च पैदावार और गुणवत्ता बनाए रखती हैं।
खेती के तरीके भी बनाते हैं अनोखा
सीहोर क्षेत्र में ऑर्गेनिक खेती, कम कीटनाशक उपयोग और मिट्टी की पोषण क्षमता को स्थिर रखने पर जोर दिया जाता है। इन कृषि पद्धतियों की वजह से गेहूं की गुणवत्ता और स्वाद उच्च स्तर पर बना रहता है।
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