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रुरल मार्ट के जरिये आत्मनिर्भर बन रहे हैं बरेली के किसान

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में ग्रामीण आत्मनिर्भरता का एक प्रेरक अध्याय लिखा जा रहा है और इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं – ग्रामीण महिलाएँ। इन महिलाओं के द्वारा तैयार किए गए आचार, सिरके, हल्दी पापड़ सहित कुछ अन्य खाद्य पदार्थ जल्द ही क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचेंगे।

दरअसल, बरेली मंडल के कुछ किसानों ने इस क्षेत्र का पहला रुरल मार्ट तैयार किया है। इसमें उन्हें नाबार्ड के द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। इस रुरल मार्ट की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसमें किसान अपने उत्पादों को सीधे बेच सकेंगे। इससे एक ओर जहाँ, उन्हें उनके उत्पादों का बढ़िया मूल्य मिलेगा वहीं दूसरी ओर, बाधारहित बिक्री की वजह से उनकी उत्पादन क्षमता व आमदनी भी बढ़ेगी।

बताते चलें कि, अभी हाल ही में देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना प्रस्तुत कर चुके हैं। ऐसे में, रूरल मार्ट की स्थापना को इस दिशा में एक प्रयास माना जा सकता है। इसके लिए लगभग सभी ज़रूरी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और पीलीभीत रोड स्थित खुशबू कॉलोनी का चुनाव किया गया है। यदि सबकुछ योजना के अनुरूप रहा तो इसी महीनें मार्ट का उद्घाटन भी किया जाएगा।

रुरल मार्ट के जरिये लोगों को उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता के कई खाद्य पदार्थ प्राप्त होंगे। मसलन – अचार, पापड़, आटा, शहद, गन्ने का सिरका, मसाले, सब्जी, सरसों तेल व दाल इत्यादि। लोगों को ये उत्पाद किफायती दामों में इसलिए मिल सकेंगे क्योंकि किसान यहाँ सीधे अपने उत्पादों की बिक्री करेंगे।

जहाँ तक बात है खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की तो महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला किसान तमाम मापदण्डों का पालन करते हुए इन्हें अपने घरों में बनाएंगी। रूरल मार्ट की स्थापना से जहाँ क्षेत्र के किसान आत्मनिर्भर होंगे वहीं इससे महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में भी कुछ प्रगति होगी। फिलहाल रुरल मार्ट की स्थापना करने वाले एफपीओ में 531 किसानों में 111 महिला किसान शामिल हैं।

रुरल मार्ट की स्थापना करने वाले एफपीओ के संचालक किसान मुकर्रर ने कहा कि, “फिलहाल सब्जियों के साथ दूध से जुड़े उत्पादों और शहद की बिक्री की ही योजना है। लेकिन आने वाले दिनों में इस मार्ट में जैविक सब्जियाँ भी उपलब्ध होंगी। इसके लिए एक गाँव का चुनाव कर क्लस्टर बनाया जा रहा है। 6 महीने के भीतर मार्ट में जैविक सब्जियाँ भी मिलने लगेंगी।”

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