Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

ICAR-IARI ने लॉन्च किया पूसा चना 4035, किसानों को मिलेगी ज्यादा उपज

चने की नई किस्म विकसित

नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI) ने काबुली चने की एक नई उन्नत किस्म पूसा चना 4035 (BG 4035) विकसित की है, जिसे किसान डबल डॉलर चना के नाम से भी पहचानेंगे। यह किस्म विशेष रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिणी राजस्थान के किसानों के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। संस्थान के अनुसार, यह किस्म मात्र 115 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसके दाने बड़े, आकर्षक और उच्च गुणवत्ता वाले होते हैं।

दोगुना दाम और बेहतर उपज

पूसा चना 4035 किस्म का औसत उत्पादन 16 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसका दाना सामान्य चने की तुलना में बड़ा होता है, जिसका औसत वजन 58 ग्राम प्रति 100 दाना (बिना ग्रेड वाले) तक होता है। बाजार में इस किस्म को किसानों को सामान्य चने की तुलना में दोगुना दाम मिलने की संभावना है। यही वजह है कि कृषि वैज्ञानिक इसे किसानों की आय बढ़ाने का एक प्रभावी साधन मान रहे हैं।

रोग प्रतिरोधी किस्म

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक, पूसा चना 4035 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फ्यूजेरियम विल्ट रोग के प्रति प्रतिरोधी है। इससे किसानों को उत्पादन में नुकसान का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा और फसल सुरक्षित रहेगी।

काबुली चने की अन्य प्रमुख किस्में

किसानों के लिए बड़ा मौका

विशेषज्ञों का मानना है कि पूसा चना 4035 का उपयोग करने वाले किसानों को निर्यात के बेहतर अवसर मिल सकते हैं, क्योंकि इसका दाना आकर्षक और उच्च गुणवत्ता वाला है। यह किस्म न केवल घरेलू बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर दाम दिलाने में सक्षम है।

ये भी पढ़ें: बाढ़ से फसलों का नुकसान, किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने दी सलाह

Exit mobile version