चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने किसानों को नकली बीजों से होने वाले नुकसान को गंभीरता से लेते हुए एक कड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘बीज (पंजाब संशोधन) विधेयक 2025’ को मंजूरी दे दी गई है। इस विधेयक के तहत नकली बीजों की बिक्री को अब गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे दोषियों पर कड़ा प्रभाव पड़ेगा और किसानों के हितों की रक्षा हो सकेगी। इससे पहले नकली बीज बेचने पर मामूली जुर्माना लगाया जाता था, जिससे दोषी बच निकलते थे और किसानों को फसल के समय भारी नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन अब नए कानून के तहत अगर कोई बीज कंपनी पहली बार दोषी पाई जाती है, तो उसे 1 से 2 साल की जेल और 5 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। वहीं अगर वही कंपनी दोबारा यही अपराध करती है, तो सजा बढ़ाकर 2 से 3 साल और जुर्माना 10 से 50 लाख रुपये तक किया जाएगा।
सिर्फ कंपनियों ही नहीं, बीज बेचने वाले दुकानदारों या व्यक्तियों के लिए भी सख्त प्रावधान किए गए हैं। पहली बार अपराध करने पर उन्हें 6 महीने से 1 साल की जेल और 1 से 5 लाख रुपये जुर्माना देना होगा। जबकि दोबारा ऐसा करने पर सजा 1 से 2 साल और जुर्माना 5 से 10 लाख रुपये तक बढ़ा दिया जाएगा। सरकार ने यह कदम किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए उठाया है। कैबिनेट ने किसानों की सुविधा और राज्य की खाद्यान्न व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ‘पंजाब खाद्यान्न परिवहन नीति 2025’ और ‘श्रम एवं ढुलाई नीति 2025’ को भी मंजूरी दी है। इन नीतियों के तहत अब अनाज की ढुलाई ऑनलाइन टेंडर प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी।
बैठक में निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी अहम निर्णय लिया गया। राज्य में उद्योग और व्यापार की सुविधा के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर एक नई नीति लाई जा रही है, जिसमें डिजिटल लैंड पूल, ई-नीलामी, लीज पर जमीन देने और 200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करने वालों को विशेष सहायता जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे राज्य में निवेशकों को बेहतर माहौल मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी राहत की खबर आई है। अब ग्रुप ‘D’ की नौकरियों में आवेदन के लिए अधिकतम आयु सीमा को 35 साल से बढ़ाकर 37 साल कर दिया गया है। इससे वे युवा भी आवेदन कर सकेंगे जो पहले अधिक उम्र की वजह से इस प्रक्रिया से बाहर हो जाते थे।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने किसानों और छोटे उद्यमियों को राहत देने के उद्देश्य से ‘एकमुश्त समाधान योजना (OTS)’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण, सीड मार्जिन मनी और IRDP तथा उद्योग सहायता अधिनियम 1935 के तहत लिए गए ऋणों को माफ किया जाएगा। लाभार्थियों को 180 दिनों के भीतर बकाया चुकाना होगा, जिससे उन्हें कर्ज के बोझ से राहत मिल सकेगी। पंजाब सरकार के ये फैसले राज्य के किसानों, युवाओं और निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं और आने वाले समय में इसके दूरगामी लाभ देखने को मिल सकते हैं।

