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हरियाणा में गेहूं और सरसों की खरीद तेज, किसानों को मिली राहत

Procurement of wheat and mustard

चंडीगढ़: हरियाणा में रबी खरीद मौसम 2026-27 के तहत मंडियों में गेहूं और सरसों की खरीद तेज गति से जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि सभी मंडियों और खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 1 मई तक प्रदेश की मंडियों में लगभग 83.87 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से करीब 80.18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद पूरी हो चुकी है।

उठान और प्रबंधन व्यवस्था मजबूत

मंत्री के अनुसार अब तक मंडियों से लगभग 56.99 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जिससे भंडारण और परिवहन व्यवस्था सुचारू बनी हुई है। वहीं सरसों की बात करें तो करीब 73 हजार मीट्रिक टन आवक दर्ज हुई है, जिसमें से 22.73 हजार मीट्रिक टन का उठान किया जा चुका है।

खरीद प्रक्रिया में तकनीक का उपयोग

विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि सरसों की खरीद 28 मार्च से और गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू की गई थी। इस बार खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कई तकनीकी उपाय लागू किए गए हैं। किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन, वाहनों के पंजीकरण, मंडियों की जियो-फेंसिंग और कैमरों के माध्यम से निगरानी की व्यवस्था की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

सत्यापन और निगरानी के व्यापक इंतजाम

राज्य में किसानों के सत्यापन के लिए 1281 बायोमेट्रिक मशीनें और 407 आईरिस स्कैन उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल के माध्यम से किसानों को पंजीकरण और बिक्री की सुविधा दी जा रही है। प्रवक्ता के अनुसार इस पोर्टल पर पंजीकृत किसान या उनका अधिकृत प्रतिनिधि मंडी में पहुंचकर सत्यापन के बाद आसानी से अपनी फसल बेच सकता है।

किसानों की सुविधा पर सरकार का जोर

खरीद कार्य को सुचारू बनाए रखने के लिए करीब 2500 कर्मचारियों और 114 तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। साथ ही मंडियों में 932 कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुविधा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पंजीकृत हर किसान की फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।

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