लखनऊ: उत्तर प्रदेश को प्रीमियम फल उत्पादन और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने स्पष्ट रणनीति पेश की है। राजधानी लखनऊ में आयोजित “फ्रूट होराइज़न 2026” कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गुणवत्ता, प्रसंस्करण और निर्यात की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी है।
पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्पादन से लेकर भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निर्यात तक हर स्तर पर सुधार किए बिना भारत वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता। उन्होंने किसानों से आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाने की अपील की, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन किया जा सके।
गुणवत्ता और भंडारण क्षमता पर फोकस
उन्होंने स्पष्ट किया कि फलों की गुणवत्ता और भंडारण अवधि बढ़ाना प्राथमिकता है। इसके लिए परिवहन के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उत्पादन सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे निर्यात में वृद्धि होगी और किसानों को बेहतर कीमत मिल सकेगी।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए टास्क फोर्स
कार्यक्रम में यह निर्णय लिया गया कि वैज्ञानिक संस्थानों, निर्यातकों और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी। यह समूह उत्पादकों और निर्यातकों की समस्याओं का समाधान करेगा और समयबद्ध कार्य योजना तैयार करेगा, जिससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
क्लीन प्लांट योजना से मिलेगा लाभ
क्लीन प्लांटिंग सामग्री कार्यक्रम के तहत लखनऊ में आधुनिक केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहां आम, अमरूद, लीची और अन्य फलों के लिए रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाली पौध तैयार की जाएगी। इससे उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा और निर्यात क्षमता भी बढ़ेगी।
“जीरो रिजेक्शन” का लक्ष्य
कार्यक्रम में फलों के निर्यात के लिए “जीरो रिजेक्शन” का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए फसल कटाई के बाद की प्रक्रियाओं, पैकिंग, शीत श्रृंखला और प्रसंस्करण सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय फलों की स्वीकार्यता बढ़े।
समूह आधारित मॉडल पर जोर
छोटे किसानों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए समूह आधारित मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में निर्यात उन्मुख समूह विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही आधुनिक सुविधाओं और बेहतर परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश को फल निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
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