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फरवरी में आलू के दाम गिरे, यूपी व बंगाल की मंडियों में बढ़ी आवक

Potatoes in February farmers

नई दिल्ली: फरवरी में आलू की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। देश के दो प्रमुख उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में बंपर फसल के अनुमान के चलते मंडियों में आवक बढ़ गई है, जिससे बाजार में दाम दबाव में हैं। 18 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे तक उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में 1,278 मीट्रिक टन और पश्चिम बंगाल में लगभग 1,055 मीट्रिक टन आलू की आवक दर्ज की गई। अधिक आपूर्ति के कारण कई जगह किसानों को उत्पादन लागत निकालना भी चुनौती बनता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश की मंडियों में आलू का भाव

उत्तर प्रदेश में ज्यादातर मंडियों में आलू 400 से 800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बिक रहा है।

कुछ मंडियों में भाव अपेक्षाकृत बेहतर रहे।

हालांकि औसत कीमत अधिकांश मंडियों में 500–700 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रही, जिससे किसानों की आय पर असर पड़ रहा है।

पश्चिम बंगाल की मंडियों में क्या रहे दाम

पश्चिम बंगाल में भी आवक अधिक रहने से बाजार दबाव में है।

राज्य में सबसे अधिक 210 मीट्रिक टन आवक सिलीगुड़ी मंडी, दार्जिलिंग में दर्ज की गई। इसके अलावा एगरा/कांटाई और पुरुलिया मंडियों में 80-80 मीट्रिक टन की मजबूत आवक रही।

किसानों के सामने बढ़ती चुनौती

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार उत्पादन बेहतर रहने और भंडारण की सीमित क्षमता के कारण बाजार में आपूर्ति बढ़ी है। मांग के मुकाबले सप्लाई ज्यादा होने से दाम नीचे आए हैं। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो किसानों को लागत वसूलने में भी दिक्कत हो सकती है। किसान संगठनों ने सरकार से बाजार हस्तक्षेप योजना या अन्य राहत उपायों पर विचार करने की मांग की है। आने वाले हफ्तों में कोल्ड स्टोरेज में भंडारण और बाहरी राज्यों की मांग दामों की दिशा तय करेगी।

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