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उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कृषि विभाग कर रहा है ‘पीएम किसान समाधान दिवस’ का आयोजन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ऐसे किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है, जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी हैं और योजना से जुड़ी जिनकी किस्त किसी कारणवश नहीं आ रही है। ऐसे किसानों की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दरअसल, कृषि विभाग राज्य के सभी जिलों में 11 से 13 अक्टूबर तक ‘पीएम किसान समाधान दिवस’ का आयोजन कर रहा है। इस दौरान विशेष रूप से आधार से जुड़ी गलतियों का सुधार किया जाएगा। मसलन – अगर किसी लाभार्थी का नाम उसके आधार के अनुसार नहीं है और इस वजह से उसकी किस्त रोक दी गई है तो इस दौरान समस्या का निवारण होगा।

आधार ऑथेन्टिकेशन अनिवार्य हो जाने की वजह से ऐसे काफी किसान हैं, जिनकी आधार संख्या या तो इनवैलिड है या आधार में लिखे नाम के अनुसार उनका नाम डेटा बेस में फीड नहीं हुआ है। ऐसे किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की किस्त का भुगतान केंद्र सरकार की ओर से रोक दिया गया है। ऐसी स्थिति में लाखों किसानों को यहाँ-वहाँ भटकना पड़ रहा था। ‘पीएम किसान समाधान दिवस’ के आयोजन से इन किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

आपको बता दें कि देश भर में ऐसे किसानों की संख्या लाखों में है, जिनकी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की आगामी किस्त (अगस्त-नवंबर) किसी न किसी वजह से रुकी हुई है। इसमें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल के 1751736 किसान हैं, जबकि 3388 किसानों का पेमेंट फेल हो गया है। इस मामले में दूसरा स्थान उड़ीसा का है। यहाँ के 1057251 किसानों कि किस्त नहीं आई है। तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है। यहाँ के 658376 किसानों की किस्त में कोई न कोई पेंच फँसा हुआ है। गौरतलब है कि इस बार पेमेंट फेल होने वाले लाभार्थियों के मामले में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। यहाँ 121676 किसानों की किस्त पेमेंट फेल होने की वजह से नहीं आई है।

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