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PM किसान की 22वीं किस्त से पहले 30 लाख किसानों पर संकट

PM Kisan

नई दिल्ली: 22वीं किस्‍त जारी होने से पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM किसान) को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। देशभर में 30 लाख से ज्‍यादा किसानों की अगली किस्‍त सिर्फ इस वजह से अटक सकती है, क्योंकि उनके बैंक खाते आधार से सीड (लिंक) नहीं हैं। 6 फरवरी 2026 तक कुल 30,18,361 किसानों के बैंक खातों में आधार लिंकिंग की प्रक्रिया लंबित है, जिसके चलते उन्हें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए राशि जारी नहीं हो पा रही है। यह जानकारी लोकसभा में एक लिखित जवाब के जरिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने दी।

मंत्री ने बताया कि PM किसान योजना के तहत सभी भुगतान आधार-सीडेड बैंक खातों में ही किए जाते हैं और यह अनिवार्य शर्त है। जिन किसानों के खाते आधार से जुड़े नहीं हैं, उनके भुगतान को तकनीकी रूप से ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। ऐसे में यदि किसान समय रहते यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उन्हें 22वीं किस्‍त का लाभ समय पर नहीं मिल पाएगा।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा अटके मामले

आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 10,44,200 किसानों के बैंक खाते अभी आधार से लिंक नहीं हैं। इसके बाद गुजरात में 2,90,358, राजस्थान में 2,13,779, मध्य प्रदेश में 1,87,011 और महाराष्ट्र में 1,72,349 किसानों की आधार-बैंक सीडिंग बाकी है। बिहार, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े कृषि राज्यों में भी हजारों किसान इस प्रक्रिया के अधूरे रहने से योजना के लाभ से वंचित हैं।

पीएम किसान योजना के तहत अब तक का भुगतान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किस्तों (2000 रुपये प्रति किस्त) में दिए जाते हैं। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है। सरकार अब तक 21 किस्तों के माध्यम से 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में भेज चुकी है। योजना का उद्देश्य खेती योग्य भूमि रखने वाले किसानों की आय में स्थायी सहारा देना है।

आधार-बैंक सीडिंग के लिए सैचुरेशन ड्राइव

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आधार-बैंक सीडिंग की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, सामान्य सेवा केंद्र (CSC) और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के साथ मिलकर नियमित संतृप्ति अभियान (Saturation Drives) चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा किसानों को एसएमएस के जरिए भी सूचित किया जा रहा है, ताकि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करा सकें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही किसान यह अनिवार्य शर्त पूरी करेंगे, उनका बकाया भुगतान उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में तुरंत भेज दिया जाएगा।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे नजदीकी बैंक शाखा, CSC केंद्र या IPPB के माध्यम से अपने बैंक खाते को आधार से जल्द लिंक कराएं। इससे न सिर्फ 22वीं किस्त समय पर मिलेगी, बल्कि भविष्य में भी पीएम किसान योजना का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।

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