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पेट्रोल और डीजल महंगा, लागत बढ़ने से किसान चिंतित

petrol and diesel price increase

नई दिल्ली: सप्ताह की शुरुआत आम जनता और किसानों के लिए महंगाई का नया झटका लेकर आई है, क्योंकि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी कर दी गई है। पिछले दस दिनों में यह चौथी बार है जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए हैं। चार वर्षों तक स्थिर रहने के बाद 15 मई से शुरू हुई बढ़ोतरी अब लगातार जारी है और अब तक कीमतों में कुल सात रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसका असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती-किसानी पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका है।

खेती की लागत पर बढ़ेगा बोझ

भारत में कृषि का बड़ा हिस्सा डीजल पर निर्भर करता है। खेतों की जुताई, बुवाई, सिंचाई, कटाई और उपज को बाजार तक पहुंचाने में ट्रैक्टर, पंपसेट और अन्य मशीनों में डीजल का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में खरीफ मौसम से पहले डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है।

किसानों की जेब पर सीधा असर

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुटे हैं। कई राज्यों में खेतों की जुताई और धान सहित अन्य फसलों की बुवाई की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे समय में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी किसानों के खर्च को और बढ़ा सकती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

कई क्षेत्रों में डीजल की बढ़ी मांग

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर किसानों की भीड़ देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि डीजल महंगा होने से सिंचाई, मशीनों के संचालन और परिवहन की लागत बढ़ेगी। इसका सीधा असर उनकी कुल उत्पादन लागत पर पड़ेगा, जबकि फसलों के दाम उसी अनुपात में नहीं बढ़ते।

खाद्य उत्पादन पर भी पड़ सकता है असर

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका प्रभाव खाद्य उत्पादन लागत पर भी पड़ सकता है। इससे किसानों की आय प्रभावित होगी और आगे चलकर खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। किसानों की मांग है कि खेती में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने के उपाय किए जाएं। फिलहाल ईंधन की बढ़ती कीमतों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है और खरीफ मौसम से पहले खेती की लागत को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

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