पटना: किसानों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने बिहार में धान खरीद की अंतिम तारीख 28 फरवरी से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है। इस फैसले से हजारों किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने का अतिरिक्त समय मिल सकेगा। 16 फरवरी को बिहार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत धान अधिप्राप्ति की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
36.85 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में धान खरीद का लक्ष्य 36.85 लाख मीट्रिक टन रखा गया है। अब तक 6879 समितियों के माध्यम से 4.28 लाख किसानों से 29.22 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 79.30 प्रतिशत है। किसानों को MSP के रूप में 6400 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा चुके हैं।
MSP दरें क्या हैं?
पंचायत स्तर पर PACS और ब्लॉक स्तर के व्यापार मंडलों के जरिए धान खरीदा जा रहा है।
- साधारण धान: 2,369 रुपये प्रति क्विंटल
- ग्रेड-A धान: 2,389 रुपये प्रति क्विंटल
राज्य सरकार का कहना है कि अवधि बढ़ने से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिलेगा और खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा।
टोल-फ्री हेल्पलाइन और रजिस्ट्रेशन
धान खरीद से जुड़ी जानकारी या शिकायत के लिए किसान 1800 1800 110 पर संपर्क कर सकते हैं। सहकारिता विभाग के अनुसार, जो किसान PACS या व्यापार मंडल के माध्यम से धान बेचना चाहते हैं, उन्हें कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण कराना होगा।
- रैयत किसान अधिकतम 250 क्विंटल धान बेच सकते हैं।
- गैर-रैयत किसान अधिकतम 100 क्विंटल धान बेच सकते हैं।
सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और खरीफ मार्केटिंग सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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