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प्याज निर्यात सब्सिडी आधी, किसानों को घाटे की आशंका

Onion export subsidy Pyaj

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को प्याज निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए एक्सपोर्ट कंसेशन (RoDTEP) में 50 प्रतिशत की कटौती कर दी है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, पहले 1.9 प्रतिशत मिल रही प्याज निर्यात सब्सिडी अब घटाकर 0.95 प्रतिशत कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से प्याज उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।

निर्यात में गिरावट की आशंका

सरकार के इस कदम से भारतीय प्याज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम प्रतिस्पर्धी हो सकता है। निर्यात प्रोत्साहन में कटौती से विदेशी बाजारों में मांग घटने की संभावना है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ेगा। जानकारों के मुताबिक, इससे प्याज के दाम और गिर सकते हैं, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।

महाराष्ट्र के सांसदों की मांग रही बेअसर

नासिक के सांसद राजाभाऊ (पराग) प्रकाश वाजे ने जुलाई 2025 में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर RoDTEP को 5 प्रतिशत तक बढ़ाने और ट्रांसपोर्ट व मार्केटिंग सहायता (TMA) के तहत 7 प्रतिशत सब्सिडी देने की मांग की थी। हालांकि, सरकार ने सब्सिडी बढ़ाने के बजाय उसे आधा कर दिया।

किसानों में नाराजगी

जय किसान फार्मर्स फोरम, महाराष्ट्र के विभागीय अध्यक्ष निवृत्ती न्याहारकर ने कहा कि सरकार के प्याज निर्यात सब्सिडी के फैसले से निर्यात घटेगा और कीमतों में और गिरावट आएगी। उन्होंने बताया कि नासिक में प्याज के भाव 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं, जबकि उत्पादन लागत करीब 30 रुपये प्रति किलो है और किसानों को 10 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत नहीं मिल रही।

लासलगांव मंडी में ताजा भाव

लासलगांव APMC में सोमवार को प्याज की औसत थोक कीमत 1,100 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। न्यूनतम कीमत 500 रुपये और अधिकतम 1,372 रुपये प्रति क्विंटल रही। मंडी में करीब 30,814 क्विंटल प्याज की नीलामी हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि निर्यात में कमी और नई फसल की बढ़ती आवक से लेट खरीफ प्याज की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है।

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