Site icon Krishi Pitaara

हिमाचल में गेहूं की बुवाई के लिए 15 नवंबर अहम, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी

November 15 is crucial for wheat sowing in Himachal, subsidy on agricultural equipment

ऊना: हिमाचल प्रदेश में रबी सीजन की तैयारियों के बीच कृषि विभाग ने किसानों को गेहूं की समय पर बुवाई करने की सलाह दी है। विभाग ने किसानों से बीज खरीदने और खेत तैयार करने का काम पहले ही पूरा करने की अपील की है, ताकि सही समय पर बुवाई करके बेहतर पैदावार हासिल की जा सके। ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल में कृषि विषय विशेषज्ञ सतपाल धीमान ने किसानों को रबी फसलों की उन्नत खेती और गेहूं की बुवाई के उचित समय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गेहूं की बुवाई के लिए 15 नवंबर एक महत्वपूर्ण तारीख है। समय पर बुवाई करने से फसल की अच्छी बढ़वार और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

उचित कीमतों पर उपलब्ध हैं गेहूं समेत दूसरी फसलों के बीज

सतपाल धीमान ने बताया कि कृषि विभाग किसानों को गेहूं समेत दूसरी फसलों के बीज उचित कीमतों पर उपलब्ध करा रहा है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार आगामी फसल सीजन के लिए बीज खरीद सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न पंचायतों से किसान बीज खरीदने पहुंच रहे हैं, जिससे क्षेत्र में रबी फसलों की तैयारियां शुरू होने का संकेत मिलता है। कृषि विभाग का उद्देश्य किसानों को उन्नत खेती के तरीकों के प्रति जागरूक करना और बेहतर उत्पादन हासिल करने में मदद करना है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते बीज की व्यवस्था करें और बुवाई से पहले खेत की तैयारी पूरी कर लें।

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी के लिए 29 अक्टूबर तक आवेदन

हिमाचल प्रदेश में आधुनिक कृषि उपकरण अनुदान पर खरीदने के इच्छुक किसानों के लिए कृषि विभाग ने आवेदन पोर्टल दोबारा खोल दिया है। किसान कृषि मशीनीकरण योजना के तहत 29 अक्टूबर तक आधिकारिक पोर्टल agrimachinery.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हमीरपुर के कृषि विभाग के उपनिदेशक डी.डी. शर्मा ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लाभार्थियों का चयन 30 अक्टूबर को लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करना चाहिए और आवेदन से पहले योजना की पात्रता तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए।

पावर टिलर और वीडर पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

डी.डी. शर्मा के अनुसार, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में खेती को आसान बनाने के लिए आधुनिक कृषि मशीनों और उपकरणों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को पावर टिलर, पावर वीडर और अन्य कृषि उपकरण अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। छोटे और सीमांत किसानों के साथ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला किसानों को इन उपकरणों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का प्रावधान है। आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से खेती के विभिन्न कार्यों को कम समय और कम श्रम में पूरा करने में सहायता मिल सकती है।

सरकारी मान्यता प्राप्त कंपनियों के उपकरण ही खरीदें किसान

कृषि विभाग के उपनिदेशक डी.डी. शर्मा ने किसानों को सलाह दी कि वे भारत सरकार के साथ पंजीकृत कंपनियों के स्वीकृत मॉडल वाले कृषि उपकरण ही खरीदें। इससे उपकरणों की पात्रता और सब्सिडी से संबंधित संभावित समस्याओं से बचने में मदद मिलेगी। विभाग के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के बाद पारदर्शी लॉटरी प्रणाली के जरिए पात्र किसानों का चयन किया जाएगा और उन्हें नियमानुसार उपकरण आवंटित किए जाएंगे। किसानों को आवेदन करते समय सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

रबी सीजन में बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को गेहूं की बुवाई के समय, बीज की उपलब्धता और खेत की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। बंगाणा उपमंडल में कृषि विभाग ने 15 नवंबर तक गेहूं की बुवाई की तैयारी करने की सलाह दी है। वहीं, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए 29 अक्टूबर तक आवेदन करने का अवसर है। लाभार्थियों का चयन 30 अक्टूबर को लॉटरी के माध्यम से किया जाना है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे बीज खरीदने के साथ-साथ कृषि उपकरणों पर उपलब्ध सरकारी अनुदान की जानकारी भी समय रहते प्राप्त करें।

ये भी पढ़ें: देश में 11 करोड़ किसानों के बने किसान पहचान पत्र, लक्ष्य से पहले लक्ष्य पूरा

Exit mobile version