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नेशनल टेस्ट हाउस लैब में होगी खाद की जांच, किसानों को मिलेंगे शुद्ध उर्वरक

गाज़ियाबाद: किसानों तक अब केवल शुद्ध और सुरक्षित खाद पहुंचेगी। गाज़ियाबाद स्थित नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) में एक आधुनिक लैब की स्थापना की गई है, जहां उर्वरकों की शुद्धता और मानकों की जांच की जाएगी। इस पहल का मकसद किसानों को मिलावटी और घटिया खाद से बचाना है, ताकि उनकी फसल की पैदावार और आमदनी दोनों बढ़ सकें।

मिलावटी खाद पर सख्त निगरानी

हाल के वर्षों में यूरिया, डीएपी, पीके और सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले उर्वरकों की खपत तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही मिलावटी खाद की समस्या भी सामने आई है। नई लैब इस समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाएगी। लैब के निदेशक सुखदेव प्रजापति ने बताया कि यहां खाद की जांच फर्टिलाइज़र कंट्रोल ऑर्डर 1985 (FCO-1985) के नियमों के आधार पर की जाती है। जांच पास करने के बाद ही उर्वरक किसानों तक पहुंचेंगे।

सिर्फ खाद ही नहीं, और भी कई चीज़ों की होगी जांच

इस लैब में न केवल खाद बल्कि कई अन्य उत्पादों की भी टेस्टिंग होगी, जिनमें शामिल हैं:

इनकी सटीक जांच से किसानों और आम जनता दोनों को फायदा होगा।

किसानों और उपभोक्ताओं को लाभ

एनटीएच गाज़ियाबाद की इस पहल से किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिलेंगे, जिससे फसलें स्वस्थ होंगी और पैदावार बढ़ेगी। वहीं उपभोक्ताओं के लिए भी यह लैब महत्वपूर्ण है, क्योंकि जल्द ही यहां फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों जैसे गेहूं का आटा, मैदा, मेवे, खाद्य तेल और विटामिन A व D युक्त नमक की जांच शुरू होगी।

नई सुविधाओं की तैयारी

लैब के काम का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जल्द ही यहां मसालों और खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) की जांच भी शुरू होगी। इससे न केवल जनता की सेहत सुरक्षित होगी, बल्कि खाद्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

शोध और प्रशिक्षण का बड़ा केंद्र

नेशनल टेस्ट हाउस (NTH) गाज़ियाबाद न केवल किसानों और उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है, बल्कि यह विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और उद्योगों को भी प्रशिक्षण और रिसर्च सहयोग प्रदान करता है। इसकी स्थापना 1977 में हुई थी और तब से यह संस्था विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों में सटीक परीक्षण के लिए भरोसेमंद नाम है।

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