नई दिल्ली: भारतीय खाद्य एवं कृषि परिषद (ICFA) द्वारा आयोजित “नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन क्वालिटी एग्री इनपुट्स” भारतीय कृषि प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रही है। यह सम्मेलन नकली और घटिया कृषि इनपुट्स (बीज, उर्वरक, कीटनाशक आदि) की समस्या पर केंद्रित रहेगा, जो आज भारतीय कृषि के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है। इस आयोजन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्ता और स्थायित्व को सुनिश्चित करने के लिए ठोस नीतिगत सुझाव और बहु-हितधारक सहयोग को बढ़ावा देना है।
क्यों जरूरी है यह सम्मेलन?
कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन नकली और घटिया कृषि इनपुट्स की बढ़ती बिक्री ने किसानों की चिंता और परेशानी को कई गुना बढ़ा दिया है। ऐसे इनपुट्स से फसलें खराब हो रही हैं, किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और कृषि प्रणाली पर विश्वास कमजोर हो रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यह सम्मेलन समाधान तलाशने और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पक्षों को एक मंच पर ला रहा है।
सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य
गैरकानूनी प्रथाओं पर रोक: नकली और घटिया बीज, खाद और कीटनाशकों के उत्पादन व बिक्री पर नियंत्रण।
पारदर्शिता को बढ़ावा: कृषि आपूर्ति श्रृंखला में जवाबदेही और पारदर्शिता लाना।
तकनीक का उपयोग: डिजिटल टूल्स और ट्रेसेबिलिटी सॉल्यूशंस के माध्यम से किसानों और ब्रांड्स को सुरक्षित करना।
सहयोग की भावना: उद्योग, सरकार और किसान संगठनों को मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना।
कौन होंगे प्रतिभागी?
सम्मेलन में नीतिनिर्माता, सरकारी अधिकारी, एग्री-इनपुट कंपनियां (बीज, उर्वरक, कीटनाशक, बायो-स्टिमुलेंट्स), वितरक, सेवा प्रदाता, किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPOs), एग्रीबिजनेस फर्म और एग्री-टेक स्टार्टअप्स शामिल होंगे।
कार्यक्रम का विवरण
यह सम्मेलन 5 सितंबर 2025 को सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मल्टीपर्पज हॉल, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में गुणवत्तापूर्ण इनपुट्स सुनिश्चित करने, तकनीक के माध्यम से ट्रेसेबिलिटी लाने, मूल्य श्रृंखला प्रबंधन और नकली इनपुट्स के किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यह राष्ट्रीय सम्मेलन न केवल किसानों को राहत देने का प्रयास करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में एक स्थायी और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए संपर्क सूत्र +91 9311983204 व ईमेल shruti.jaiswal@icfa.org.in के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है।

