लखनऊ: उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए चलाई जा रही नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना तेजी से प्रभाव दिखा रही है। किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत बैंक ऋण और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया लगातार तेज की जा रही है। पशुपालन विभाग ने बताया कि लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण और लाभार्थियों तक समय पर धनराशि पहुंचाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, जिससे डेयरी इकाइयों की स्थापना में तेजी आई है और किसानों का भरोसा भी बढ़ा है।
आने वाले वर्षों में डेयरी विस्तार की बड़ी तैयारी
राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 में 57 जनपदों में 114 नई डेयरी इकाइयों की स्थापना का लक्ष्य तय किया है। कई जिलों में बैंक ऋण मंजूरी पूरी हो चुकी है और पहली किस्त की सब्सिडी देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़कर डेयरी क्षेत्र का विस्तार करना है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 मंडल मुख्यालय जनपदों में 50 डेयरी इकाइयों का लक्ष्य रखा गया था। अधिकांश प्रस्तावों में बैंक ऋण स्वीकृत हो चुका है जबकि कुछ मामलों पर अंतिम निर्णय शेष है। कई जिलों में पहली और दूसरी किस्त की सब्सिडी वितरण प्रक्रिया जारी है, जिससे डेयरी इकाइयों की स्थापना में तेजी आई है।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 8 मंडल मुख्यालय जनपदों में 40 नई डेयरी इकाइयों की योजना बनाई गई है। अलग-अलग जिलों में ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और पात्र लाभार्थियों को पहली किस्त की सब्सिडी जारी करने की तैयारी है। इससे नए क्षेत्रों में डेयरी नेटवर्क के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
सरकार का कहना है कि नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना न केवल डेयरी क्षेत्र को नई दिशा दे रही है, बल्कि किसानों की आय वृद्धि में भी बड़ी भूमिका निभा रही है। डेयरी गतिविधियों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध ढंग से पूरी हों, ताकि किसानों को योजना का पूरा लाभ मिल सके।
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