नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक सभा में कहा कि सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीदी और विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों की आय को मजबूत सुरक्षा प्रदान की है। उन्होंने बताया कि एमएसपी और सरकारी योजनाओं के कारण कई किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कृषि क्षेत्र में उत्पादन भी तेजी से बढ़ा है।
योजनाओं से किसानों को मिला सुरक्षा कवच
लोक सभा में सवालों के जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान, फसल बीमा योजना, भावांतर भुगतान और बाजार हस्तक्षेप जैसी व्यवस्थाओं के जरिए किसानों को आर्थिक सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कृषि उत्पादन में करीब चवालीस प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
लागत से अधिक मूल्य देने की नीति
मंत्री ने कहा कि सरकार ने उत्पादन लागत पर पचास प्रतिशत लाभ को ध्यान में रखते हुए समर्थन मूल्य तय करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल समर्थन मूल्य घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर वास्तविक खरीदी सुनिश्चित करना अधिक जरूरी है।
हर फसल के लिए सक्रिय हस्तक्षेप
सरकार ने गेहूं और धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों की भी समर्थन मूल्य पर खरीदी को बढ़ावा दिया है। मंत्री के अनुसार यदि किसी फसल के दाम बाजार में गिरते हैं, तो सरकार हस्तक्षेप कर किसानों को नुकसान से बचाने का प्रयास करती है।
आय संरक्षण अभियान की भूमिका
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत उन फसलों को सुरक्षा दी जाती है, जिनके बाजार भाव समर्थन मूल्य से नीचे चले जाते हैं। इस योजना में सीधी खरीद, मूल्य अंतर की भरपाई और अन्य माध्यमों से किसानों को राहत देने की व्यवस्था की गई है।
आपदा में त्वरित राहत की व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान किसानों को त्वरित राहत देने के लिए डिजिटल व्यवस्था का उपयोग किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों के खाते में सीधे सहायता राशि पहुंचाई जा रही है, जिससे उन्हें तुरंत मदद मिलती है।
भावांतर और बाजार हस्तक्षेप से फायदा
भावांतर भुगतान व्यवस्था के जरिए समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर सीधे किसानों के खाते में भेजा जाता है। इसके अलावा जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए बाजार हस्तक्षेप के तहत उचित दर तय कर या अंतर की भरपाई कर किसानों को राहत दी जाती है। मंत्री ने यह भी कहा कि विभिन्न एजेंसियां मिलकर खरीद प्रक्रिया को मजबूत बना रही हैं और जहां जरूरत होती है, वहां नए खरीद केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।
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