नई दिल्ली: देश के मौसम में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस सप्ताह कई राज्यों में रुक-रुककर बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ रहे कई पश्चिमी विक्षोभ पूरे सप्ताह मौसम को प्रभावित करेंगे, जिससे कई इलाकों में राहत के साथ-साथ चुनौतियां भी बढ़ सकती हैं।
पश्चिमी विक्षोभों का लगातार असर
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय पश्चिमी विक्षोभों की एक श्रृंखला सक्रिय है, जिनमें कुछ सिस्टम असामान्य रूप से दक्षिण की ओर बढ़ रहे हैं। इनकी वजह से उत्तर-पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने की रफ्तार थम सकती है। हालांकि इसके साथ ही तेज हवाएं, आंधी, बिजली गिरने और ओले पड़ने जैसी घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं।
भूमध्यसागर से उठे चक्रवातों का प्रभाव
मौसम में आए इस बदलाव को भूमध्यसागर क्षेत्र में बनने वाले विशेष चक्रवाती सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। ये सिस्टम जब आगे बढ़ते हैं तो पश्चिम एशिया और आसपास के क्षेत्रों से होते हुए भारत के मौसम पर असर डालते हैं। हाल की गतिविधियों के चलते ये सिस्टम पहले से ज्यादा मजबूत हो गए हैं, जिससे उनका प्रभाव भी व्यापक हो गया है।
लंबे समय तक जारी रह सकती है गतिविधि
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 अप्रैल के आसपास तक बारिश और तूफान का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद कुछ दिनों की राहत मिल सकती है, लेकिन महीने के अंत तक एक बार फिर मौसम सक्रिय होने की संभावना है।
दक्षिण और पूर्वी राज्यों में भी असर
केरल और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी इस सप्ताह रुक-रुककर बारिश और तूफान देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटक में भी मौसम का असर अलग-अलग रूप में दिखाई देगा।
नमी और दबाव के कारण बढ़ी गंभीरता
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी से भरी हवाएं इन मौसमी सिस्टम को और ताकत दे रही हैं। इसके चलते कई इलाकों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओले पड़ने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है। मौसम का यह बदलता स्वरूप जहां एक ओर गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम लोगों के लिए सावधानी बरतना भी जरूरी बना देगा।
ये भी पढ़ें: पीएम किसान की 23वीं किस्त जुलाई में आने की संभावना, समय पर करें ये काम

