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कई फसलों के मंडी भाव एमएसपी से नीचे, क्या कहते हैं आँकड़े?

Mandi Bhav

नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026: देश की प्रमुख कृषि मंडियों में कई प्रमुख फसलों के मंडी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे दर्ज किए गए हैं, जिससे किसानों की आय पर दबाव बढ़ने की आशंका है। 10 जुलाई 2026 के अखिल भारतीय मंडी थोक मूल्य आंकड़ों के अनुसार गेहूं, मक्का, अरहर, चना, मूंग, बाजरा, रागी, मूंगफली और सूरजमुखी जैसी फसलों के औसत बाजार भाव घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहे। इनमें सबसे अधिक गिरावट रागी और मूंग के दाम में दर्ज की गई है, जिसने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

रागी और मूंग में सबसे बड़ी गिरावट

आंकड़ों के अनुसार रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,886 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, जबकि मंडियों में इसका औसत भाव केवल 3,211 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इस तरह किसानों को रागी पर निर्धारित समर्थन मूल्य की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत कम कीमत मिल रही है। मूंग की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,768 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन मंडियों में इसका औसत भाव 6,612 रुपये प्रति क्विंटल रहा। यानी किसानों को लगभग 24.58 प्रतिशत कम मूल्य पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।

मक्का और बाजरा के दाम भी दबाव में

मक्का उत्पादक किसानों को भी बाजार में अपेक्षित कीमत नहीं मिल रही है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,400 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि मंडियों में इसका औसत भाव 1,966 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसी तरह बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,775 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन बाजार में इसका औसत भाव 2,342 रुपये प्रति क्विंटल रहा। इससे स्पष्ट है कि इन दोनों फसलों के उत्पादकों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

गेहूं और दलहनी फसलें भी प्रभावित

देश की प्रमुख खाद्यान्न फसल गेहूं भी न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे बिक रही है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडियों में इसका औसत भाव 2,490 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। यानी किसानों को लगभग 3.67 प्रतिशत कम कीमत मिल रही है। अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है, लेकिन इसका औसत बाजार भाव 7,380 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद मंडियों में इसका औसत भाव 5,595 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।

मूंगफली और सूरजमुखी के उत्पादकों को भी घोषित समर्थन मूल्य से कम दाम मिल रहे हैं। मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,263 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि मंडी भाव 7,128 रुपये प्रति क्विंटल रहा। सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7,721 रुपये प्रति क्विंटल के मुकाबले औसत बाजार भाव 7,679 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।

किसानों की आय पर बढ़ी चिंता

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जब मंडियों में फसलों के भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे चले जाते हैं, तो किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचने की मजबूरी होती है। इसका सीधा असर उनकी आय और कृषि लाभ पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को बाजार में मूल्य स्थिर रखने, खरीद व्यवस्था को मजबूत करने और अधिक से अधिक किसानों तक न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। खासकर रागी, मूंग और मक्का जैसी फसलों में आई बड़ी गिरावट किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

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