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मक्‍का किसान परेशान, कई राज्यों में दाम लागत से भी कम

Maize farmers

नई दिल्ली: देशभर में मक्का उत्पादन तेजी से बढ़ा है और किसान सरकार की श्रीअन्न (मोटे अनाज) को बढ़ावा देने की पहल का पालन कर रहे हैं। लेकिन विडंबना यह है कि उत्पादन बढ़ने के बावजूद किसानों को वाजिब कीमतें नहीं मिल पा रही हैं। कई राज्यों की मंडियों में मक्का के दाम MSP के लगभग आधे या उससे भी कम चल रहे हैं। इससे मक्‍का किसान परेशान हैं। MSP: 2,400 रुपये प्रति क्विंटल। मंडी भाव: 1,000-1,500 रुपये प्रति क्विंटल। यानी किसान सीधी भारी हानि झेल रहे हैं। सबसे खराब स्थिति मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के प्रमुख मक्का उत्पादक किसानों की है, जिन्हें बाजार में लागत कीमत तक नहीं मिल पा रही है।

एमपी की मंडियों में मक्का के दाम 1,000-1,400 रुपये तक

देशभर की प्रमुख APMC मंडियों में पिछले तीन दिनों के आंकड़े बताते हैं कि मध्‍य प्रदेश में मक्का किसानों की स्थिति सबसे कठिन है

ये सभी कीमतें न सिर्फ MSP से लगभग 1,000 रुपये कम हैं, बल्कि किसानों की उत्पादन लागत से भी काफी नीचे हैं।

महाराष्ट्र-राजस्थान की मंडियों में भी भाव बेहद कमजोर

महाराष्ट्र और राजस्थान में भी मक्का के दाम बेहद कमजोर बने हुए हैं।

मंडी आवक अधिक होने और खरीद कमजोर रहने से दामों पर भारी दबाव बना हुआ है।

मक्का किसान घाटे में, MSP सिर्फ कागजों में

बावजूद इसके कि सरकार ने इस साल MSP बढ़ाया है, किसानों को बाजार में उसकी कोई गारंटी नहीं मिल रही है। कई मंडियों में मक्का के दाम केवल 1,000-1,500 रुपये के दायरे में हैं। इसका मतलब है कि:

यह स्थिति देश के मक्का उत्पादन और किसान आय दोनो के लिए खतरे का संकेत है।

पोल्ट्री इंडस्ट्री ने GM मक्का आयात की मांग रखी

जहाँ किसान पहले से कम भावों से जूझ रहे हैं, वहीं देश की 3 लाख करोड़ रुपये की पोल्ट्री इंडस्ट्री ने सरकार से GM मक्का के आयात की मांग कर दी है। इंडस्ट्री का तर्क:

GM मक्का आयात को लेकर किसान संगठनों की कड़ी चेतावनी

किसान संगठनों ने सरकार को पहले ही आगाह किया है कि यदि GM मक्का और GM सोयाबीन के आयात को मंजूरी दी गई, तो किसान बड़े आंदोलन करेंगे। किसानों का तर्क है कि:

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