मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के अन्नदाता किसानों को बड़ी राहत देते हुए पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना के तहत पात्र किसानों की तीसरी सूची जारी कर दी है। राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस नई सूची के आने से योजना के तहत लाभ पाने के लिए सूचीबद्ध कुल किसानों की संख्या बढ़कर चौबीस लाख सड़सठ हजार हो गई है। सरकार ने सूची में शामिल सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपने बकाया ऋण का सत्यापन करवाकर नजदीकी आपले सेवा केंद्र के माध्यम से अपनी आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया को समय पर पूरा कर लें, ताकि कर्जमाफी की निर्धारित राशि सीधे उनके बैंक लोन खातों में जमा की जा सके।
दो लाख रुपये तक के फसल ऋण और पात्रता से जुड़े मुख्य प्रावधान
इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत एक अप्रैल दो हजार उन्नीस से اکस मार्च दो हजार पच्चीस के बीच वितरित किए गए उन सभी फसल ऋणों को पात्र माना गया है जो तीस सितंबर दो हजार पच्चीस तक बकाया हो चुके थे और اکस मार्च दो हजार २६ तक चुकाए नहीं जा सके थे।इसके तहत किसानों को अधिकतम दो लाख रुपये तक के फसल कर्ज से पूरी मुक्ति दी जा रही है, जिसमें पुनर्गठित और दोबारा पुनर्गठित किए गए ऋण भी शामिल किए गए हैं। सहकारिता विभाग के अनुसार बैंकों द्वारा पोर्टल पर कुल اکस लाख सत्रह हजार बकाया लोन खातों का विवरण अपलोड किया गया था, जिसके बाद पारदर्शी तरीके से चरणबद्ध सूचियां जारी की जा रही हैं।
संभागवार आंकड़े और दो लाख से अधिक कर्ज वाले किसानों के लिए वन टाइम सेटलमेंट
हाल ही में जारी की गई तीसरी सूची में छत्रपति संभाजीनगर संभाग के दो लाख छह हजार चार सौ पचास किसानों को शामिल किया गया है, जबकि अमरावती संभाग के पचासी हजार छہहत्तर, नागपुर के तीस हजार सात सौ अडतीस, नाशिक के चौदह हजार दो सौ चवालीस, पुणे के ग्यारह हजार नौ सौ अट्ठाइस और कोकण संभाग के दो हजार सात सौ छप्पन किसान इस सूची के पात्र बने हैं। जिन राष्ट्रीयकृत और वाणिज्यिक बैंकों के किसानों पर दो लाख रुपये से अधिक का बकाया है, उनके लिए सरकार की हेयरकट या वन टाइम सेटलमेंट नीति के तहत निपटान का प्रावधान किया गया है, जिससे राज्य के लाखों किसानों को कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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