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महाराष्ट्र को मिले 335 करोड़ रुपए, किसानों को होंगे ये लाभ

Maharashtra farmers

नई दिल्ली, 27 जुलाई 2026: महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत और विकास की बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र को नई गति देने के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 335 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह स्वीकृति देते हुए कहा कि इस राशि का उपयोग आधुनिक खेती, बागवानी, कृषि तकनीक और किसानों के हित से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाते हुए किसानों की आय में वृद्धि करना है।

कृषि योजनाओं की प्रगति की हुई विस्तृत समीक्षा

नई दिल्ली में आयोजित एक आभासी समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने महाराष्ट्र के कृषि मंत्री, केंद्रीय कृषि सचिव तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न कृषि योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंच रहा है या नहीं तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा तो नहीं है।

योजना की राशि के बेहतर उपयोग पर मिली सराहना

समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने महाराष्ट्र की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया कि राज्य ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई राशि का 75 प्रतिशत से अधिक समय पर उपयोग किया है। इसके अलावा योजना के कई अन्य घटकों में भी 80 प्रतिशत से अधिक राशि का प्रभावी ढंग से खर्च की गई है। उन्होंने इसे योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का सकारात्मक उदाहरण बताया और संबंधित अधिकारियों की प्रशंसा की।

बागवानी क्षेत्र में भी रहा उत्कृष्ट प्रदर्शन

बैठक में यह भी बताया गया कि बागवानी विकास से जुड़ी योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र ने उपलब्ध राशि का लगभग 81.73 प्रतिशत उपयोग किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य ने बागवानी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके कारण वह इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी राज्य इसी गति से कृषि विकास के कार्यों को आगे बढ़ाएगा।

डिजिटल कृषि को लेकर दिए विशेष निर्देश

बैठक के दौरान डिजिटल कृषि से जुड़े कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर चिंता व्यक्त की गई। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित राशि का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित किया जाए और आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए। उनका कहना था कि डिजिटल सुविधाओं का लाभ समय पर किसानों तक पहुंचना आवश्यक है, ताकि खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और सुविधाजनक बन सके।

हर रुपये का लाभ किसानों तक पहुंचाने पर जोर

केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य केवल राज्यों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि प्रत्येक रुपये का उपयोग किसानों के कल्याण और कृषि विकास के लिए प्रभावी ढंग से हो। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने, समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा किसानों तक लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

कृषि विकास को मिलेगी नई गति

सरकार का मानना है कि 335 करोड़ रुपये की इस मंजूरी से महाराष्ट्र में आधुनिक खेती, बागवानी, कृषि तकनीक, डिजिटल कृषि सेवाओं और अन्य विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी। इससे किसानों को आधुनिक संसाधनों का लाभ मिलेगा, कृषि उत्पादकता बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत एवं आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को भी गति मिलेगी।

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