Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

महाराष्ट्र: किसानों की शिकायत पर 7 दिनों में होगी कार्रवाई

Maharashtra Farmers Complaints

मुंबई, 18 जुलाई 2026: खरीफ सीजन के दौरान किसानों को बीज, खाद और कीटनाशकों की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि अब किसानों की ऐसी हर शिकायत की जांच और निस्तारण सात दिनों के भीतर किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने तहसील स्तर पर शिकायत निवारण समितियों का पुनर्गठन किया है, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और दोषी कंपनियों तथा विक्रेताओं पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

सात दिन के भीतर होगा खेत का निरीक्षण

कृषि विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के एक सप्ताह के भीतर संबंधित समिति को किसान के खेत का निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण पूरा होने के बाद निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से शिकायतों के निस्तारण में देरी कम होगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

तकनीकी विशेषज्ञ भी करेंगे जांच

नई व्यवस्था के तहत तहसील कृषि अधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में कृषि विश्वविद्यालय, कृषि अनुसंधान केंद्र अथवा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रतिनिधि, महाबीज के अधिकारी और कृषि विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल रहेंगे। सरकार का मानना है कि विशेषज्ञों की मौजूदगी से जांच अधिक वैज्ञानिक और निष्पक्ष तरीके से हो सकेगी।

कंपनी और विक्रेता की मौजूदगी में होगी जांच

शिकायत की जांच के दौरान संबंधित बीज, खाद या कीटनाशक कंपनी के प्रतिनिधि और विक्रेता की उपस्थिति भी अनिवार्य होगी। किसान द्वारा प्रस्तुत खरीद रसीदों का सत्यापन किया जाएगा, निर्धारित प्रारूप में पंचनामा तैयार होगा और संबंधित बीज बैच अथवा उत्पाद के नमूने मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे।

दोषी कंपनियों और विक्रेताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना और नियमों के अनुसार दोषी निर्माता या विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई करना है। उन्होंने बताया कि यदि किसी तहसील में शिकायतों की संख्या 100 से अधिक हो जाती है, तो वहां अतिरिक्त शिकायत निवारण समितियों का गठन भी किया जाएगा।

जिलों को जारी किए गए निर्देश

राज्य सरकार ने सभी जिला अधीक्षक कृषि अधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त समितियां गठित करने के निर्देश दिए हैं। कृषि विभाग सभी शिकायतों की नियमित निगरानी करेगा, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके और निम्न गुणवत्ता वाले कृषि आदानों की आपूर्ति करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

ये भी पढ़ें: 2035 तक बदलेगा खेती का स्वरूप, नीति आयोग ने बनाया रोडमैप

Exit mobile version