भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं के लिए एक नई पहल की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत पात्र महिलाओं को रियायती दर पर गाय उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ राज्य में दुग्ध उत्पादन को भी बढ़ावा देना है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अनुसार इस प्रस्ताव की घोषणा जल्द की जा सकती है।
महिलाओं की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
पशुपालन और डेयरी विभाग के राज्य मंत्री लखन पटेल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को सब्सिडी पर गाय उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि यदि ग्रामीण परिवारों के पास अधिक दूध देने वाले पशु होंगे तो इससे दूध उत्पादन में वृद्धि होगी और महिलाओं को नियमित आय का अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। सरकार का लक्ष्य राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है।
पहले से मिल रही है मासिक आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि इस योजना से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून 2023 में शुरू हुई इस योजना के तहत अप्रैल 2026 तक 35 मासिक किस्तों के माध्यम से 1.22 करोड़ महिलाओं के खातों में 55,926.51 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
केंद्र सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दूध उत्पादन के मामले में मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। इस सूची में उत्तर प्रदेश पहले और राजस्थान दूसरे स्थान पर हैं। सरकार का मानना है कि यदि महिलाओं को रियायती दर पर अधिक दूध देने वाली गाय उपलब्ध कराई जाती है तो इससे राज्य के दुग्ध उत्पादन में और वृद्धि होगी तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रस्ताव पर विपक्ष ने उठाए सवाल
प्रस्तावित योजना को लेकर विपक्ष ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने इसे चुनावी घोषणा बताते हुए कहा कि सरकार को नई घोषणाएं करने के बजाय पहले किए गए वादों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, पशुपालन को प्रोत्साहन देना और राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाना है। योजना को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इसके पात्रता मानदंड और अन्य दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
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