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मध्य प्रदेश: बाढ़ व बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने लिया फैसला

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बहुत महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इसके तहत सरकार बाढ़ और बारिश की वजह से फसलों को हुए नुकसान की क्षति पूर्ति कर किसानों को राहत दे रही है। फसलों के नुकसान पर किसानों को 202.64 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इस मानसून में अधिक वर्षा के कारण जहां शहरी क्षेत्र में व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अतिवृष्टि के कारण बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार ने सहायता पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि संकट के समय प्रभावित व्यक्तियों को सहायता पहुंचाने व आम जनता को तकलीफ की स्थिति में जरूरी सहयोग देने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। बाढ़ और अतिवृष्टि के समय आवश्यक आपदा प्रबंधन किया गया। संकट के समय प्रशासन के साथ जन-प्रतिनिधि भी सक्रिय रहे। प्रदेश में कुछ जिले अतिवृष्टि से प्रभावित रहे हैं। राज्य सरकार ने ऐसी स्थिति में सभी जरूरी व्यवस्थाएं कर यह सुनिश्चित किया कि अतिवृष्टि से किसी की जान न जाए। लोगों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए। जहां बाढ़ की स्थिति थी, वहां से लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद किसानों को हुई क्षति पर सहायता राशि पहुंचाने का कार्य किया गया। फसलों की क्षति का सर्वे करवा कर ग्राम पंचायत में सूची भी प्रदर्शित की गई थी।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में बाढ़ व अतिवृष्टि से मध्य प्रदेश के 19 जिले प्रभावित हुए थे। इनमें विदिशा, सागर, गुना, रायसेन, दमोह, हरदा, मुरैना, आगर-मालवा, बालाघाट, भोपाल, अशोकनगर, सीहोर, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, भिंड, राजगढ़, बैतूल और सिवनी शामिल हैं। इन जिलों के प्रभावित किसानों के बैंक खातों में सरकार ने 202 करोड़ 64 लाख रुपये की सहायता राशि सिंगल क्लिक से भेजी है। अनुमान के मुताबिक राज्य में अतिवृष्टि एवं बाढ़ प्रभावित जिलों का प्रभावित रकबा लगभग 2 लाख 2 हजार 488 हेक्टेयर है। मकानों के क्षतिग्रस्त होने और घरेलू सामग्री के नुकसान और पशु हानि के लिए पहले 43 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि वितरित की चुकी है। इसके बाद 1 लाख 91 हजार 755 रुपए बतौर सहायता राशि किसानों के खाते में ट्रांसफर की गई है।

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