Site icon Agriculture| Kheti| Krishi| Farm| Farmer| Agriculture| News

यूपी में खरीफ सीजन की बुवाई तेज, उर्वरकों की कोई कमी नहीं: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही

लखनऊ: देशभर में खरीफ सीजन की बुवाई अब रफ्तार पकड़ चुकी है, और इसके साथ ही उर्वरकों की मांग में भी तेजी आई है। किसानों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। शुक्रवार को राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने साफ किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की उर्वरकों की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि किसानों को समय पर बीज और उर्वरक की आपूर्ति हो। कृषि मंत्री लखनऊ में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार खरीफ सीजन के लिए सक्रियता से कार्य कर रही है। अब तक 27 लाख मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है और अतिरिक्त 10 लाख मीट्रिक टन की आपूर्ति जुलाई में की जा रही है। यानी खरीफ की पूरी अवधि के दौरान राज्य में कुल 37 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध रहेगा।

यूरिया की उपलब्धता मांग से अधिक

पिछले साल खरीफ सीजन में उत्तर प्रदेश में कुल 32.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खपत हुई थी, जबकि इस बार का स्टॉक इससे कहीं ज्यादा है। मंत्री शाही ने बताया कि उर्वरकों के वितरण में अनियमितता या कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अब तक 26 लोगों पर एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और 580 खुदरा विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजे गए हैं।

सभी प्रमुख खादों की पर्याप्त उपलब्धता

कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में यूरिया ही नहीं, बल्कि डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी जैसे सभी प्रमुख उर्वरक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। अब तक के स्टॉक के अनुसार, 15 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 2.90 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 2.91 लाख मीट्रिक टन एनपीके, 0.77 लाख मीट्रिक टन एमओपी और 3.14 लाख मीट्रिक टन एसएसपी गोदामों में मौजूद हैं।

पारदर्शिता और निगरानी को लेकर सरकार सतर्क

शाही ने बताया कि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए राज्य सरकार ने 26 उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की है। किसी भी स्तर पर आपूर्ति में लापरवाही न हो, इसके लिए राज्य मशीनरी पूरी तरह सक्रिय है। इसके साथ ही निजी कंपनी के रेक पॉइंट के माध्यम से आने वाली यूरिया का 25% हिस्सा पीसीएफ (प्रांतीय सहकारी संघ) के माध्यम से वितरित किया जाएगा, जिससे वितरण में पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे।

किसानों को समय पर मिलेगा खाद

राज्य सरकार की तैयारियों से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश के किसान इस खरीफ सीजन में खाद की किल्लत से पूरी तरह मुक्त रहेंगे। सरकार की मंशा है कि किसानों को समय पर और सही मात्रा में उर्वरक मिले, जिससे उनकी बुवाई और उत्पादन पर कोई असर न पड़े। कृषि मंत्री ने दोहराया कि सरकार हर स्तर पर सतर्क है और किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

Exit mobile version