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खरीफ 2025-26 में रिकॉर्ड उत्पादन का अनुमान, जारी हुई पहली अग्रिम रिपोर्ट

खरीफ 2025-26

नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खरीफ सीजन 2025-26 की प्रमुख फसलों के प्रथम अग्रिम उत्पादन अनुमान जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष खरीफ उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी। कुल खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 38.70 लाख टन बढ़कर 1733.30 लाख टन रहने की संभावना जताई गई है। मंत्रालय का कहना है कि अनुकूल मॉनसून और बेहतर कृषि प्रबंधन से इस वृद्धि को बल मिला है।

मोदी सरकार की कृषि नीतियों का दिख रहा सकारात्मक प्रभाव: शिवराज

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा से नुकसान हुआ, लेकिन अधिकांश राज्यों में बेहतर बारिश से फसलों को बढ़त मिली और उत्पादन में वृद्धि का स्पष्ट असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे किसानों के लिए बड़ी राहत बताते हुए कहा कि यह सीजन देश को खाद्यान्न सुरक्षा के दिशा में और मजबूती देगा।

पोषक अनाज और दलहन उत्पादन में बढ़ोतरी

प्रथम अग्रिम अनुमान के अनुसार खरीफ 2025-26 में पोषक अनाज (मोटा अनाज) का उत्पादन 414.14 लाख टन रहने का अनुमान है। वहीं दलहन उत्पादन 74.13 लाख टन तक पहुंच सकता है, जो एक सकारात्मक संकेत है। प्रमुख दलहनों में इस वर्ष उत्पादन वृद्धि का अनुमान इस प्रकार है—
तूर: 35.97 लाख टन
उड़द: 12.05 लाख टन
मूंग: 17.20 लाख टन
विशेषज्ञ इसे देश में दलहन आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।

खरीफ चावल और मक्का उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़त

रिपोर्ट के अनुसार—
खरीफ चावल का उत्पादन: 1245.04 लाख टन (पिछले वर्ष से 17.32 लाख टन अधिक)
खरीफ मक्का का उत्पादन: 283.03 लाख टन (पिछले वर्ष से 34.95 लाख टन की बढ़ोतरी)
कृषि मंत्री ने बताया कि देश में धान और मक्का दोनों ही फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो कृषि क्षेत्र की मजबूत स्थिति को दर्शाती है।

सोयाबीन और मूंगफली ने तिलहन उत्पादन को दिया बढ़ावा

कुल खरीफ तिलहन उत्पादन 275.63 लाख टन रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में मूंगफली और सोयाबीन प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरे हैं।
मूंगफली: 110.93 लाख टन (6.81 लाख टन की वृद्धि)
सोयाबीन: 142.66 लाख टन
यह बढ़ोतरी न केवल तिलहन आत्मनिर्भरता को मजबूती देगी, बल्कि किसानों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि ला सकती है।

गन्ना, कपास और जूट उत्पादन में भी उछाल

2025-26 के खरीफ सीजन में वाणिज्यिक फसलों के उत्पादन में भी जबरदस्त बढ़त का अनुमान है।
गन्ना उत्पादन: 4756.14 लाख टन (पिछले वर्ष से 210.03 लाख टन अधिक)
कपास: 292.15 लाख गांठें
पटसन एवं मेस्ता: 83.45 लाख गांठें
विशेषज्ञों का कहना है कि इस वर्ष फाइबर फसलों का सीजन भी बेहद उत्पादक रहने वाला है।

अनुमान में आगे संशोधन संभव

कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये अनुमान राज्य सरकारों से मिले आंकड़ों, फील्ड रिपोर्ट्स और पिछले वर्षों की उत्पादन प्रवृत्तियों के आधार पर तैयार किए गए हैं। वास्तविक उत्पादन आंकड़े फसल कटाई प्रयोगों (CCE) के बाद सामने आएंगे, जिसके आधार पर भविष्य में संशोधन किए जा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि किसानों के हित में योजनाओं और सहायता कार्यक्रमों को इन अनुमानों के आधार पर मजबूत किया जाएगा।

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