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कानपुर में मशरूम उत्पादन के लिए 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

कानपुर में मशरूम उत्पादन

कानपुर: उत्तर प्रदेश में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA), कानपुर में मशरूम उत्पादन तकनीक पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। मशरूम शोध केंद्र के नोडल अधिकारी डॉ. एस.के. विश्वास ने बताया कि यह प्रशिक्षण किसानों, छात्रों और शहरी युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो मशरूम की खेती या इससे संबंधित व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहल

डॉ. विश्वास ने बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक व्यवसायों में भी प्रशिक्षण देना आवश्यक है। मशरूम उत्पादन एक ऐसी गतिविधि है, जिससे किसान अपनी आमदनी में वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण में एस्टर, बटन और मिल्की मशरूम की खेती से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण में होंगे व्यावहारिक सत्र

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक बल्कि व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) रूप से मशरूम उत्पादन की विधियों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के प्रयोग कराए जाएंगे ताकि प्रतिभागी खुद मशरूम उत्पादन की प्रक्रिया को समझ सकें और उसे अपने स्तर पर लागू कर सकें।

पंजीकरण प्रक्रिया और शुल्क

डॉ. विश्वास ने बताया कि प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए ₹1000 का पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ प्रतिभागियों को अपना आधार कार्ड की कॉपी और एक पासपोर्ट साइज फोटो जमा करनी होगी। अगर कोई प्रतिभागी बाहर से आता है, तो विश्वविद्यालय में रुकने की सुविधा उपलब्ध होगी, लेकिन इसके खर्च का वहन प्रतिभागी को स्वयं करना होगा।

प्रमाणपत्र और संपर्क जानकारी

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने बताया कि प्रशिक्षण के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर के इच्छुक युवा इस प्रशिक्षण में हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है: 9369060041, 9369060041

आत्मनिर्भरता और रोजगार की दिशा में कदम

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी देगा। मशरूम उत्पादन एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है। यह पहल किसानों को कृषि आधारित उद्यमिता (Agri-Entrepreneurship) की दिशा में प्रेरित करेगी।

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