नई दिल्ली: इजराइल अपनी अद्वितीय खेती तकनीकों के लिए विश्व भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। चूंकि, इस देश में जमीन की कमी है। ऐसे में, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए यहाँ वर्टिकल फार्मिंग तकनीक का अद्भुत प्रयोग किया जा रहा है। यह तकनीक अपने आप में समृद्धि से भरी एक कृषि प्रणाली प्रदान करती है, जिससे फल, सब्जियों और अन्य उत्पादों की उच्च उत्पादन क्षमता होती है।
इजराइल की खेती में हो रही इस नई क्रांति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है – वर्टिकल फार्मिंग तकनीक, जिसमें फसलों को ऊँचाई पर उगाया जाता है। कई लोग इस तकनीक का उपयोग अपने घरों की दीवारों में छोटे से खेत बनाने के लिए कर रहे हैं, जिससे खेती भी हो जाती है और दीवारों को सजाने का काम भी हो जाता है।
वर्टिकल फार्मिंग में पौधों को ऊंचाई पर लगाने के लिए स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होता है, जिससे ज़मीन की बचत होती है और उच्च उत्पादन में मदद होती है। इसके अलावा, इस तकनीक के माध्यम से पौधों को दिये जाने वाले पानी की मात्रा और सिंचाई को भी कंप्यूटर के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे पानी की बचत होती है।
इसके साथ ही, इजराइल में हाइड्रोपोनिक्स, एक्वापोनिक्स और एरोपोनिक्स जैसी अन्य तकनीकें भी बड़े पैमाने पर प्रयुक्त हो रही हैं, जिससे विभिन्न प्रकार की पौधों की खेती में सुधार हो रहा है। हाइड्रोपोनिक्स में मिट्टी का इस्तेमाल नहीं होता है, बल्कि एक सोल्यूशन में पौधों को उगाया जाता है, जबकि एरोपोनिक्स में पौधों को हवा में ही उगाने का काम होता है। यही नहीं, इजराइल में किसानों को रेगिस्तान में मछली पालन करने के लिए भी एक उन्नत तकनीक ‘ग्रो फिश एनीव्हेयर’ का प्रयोग किया जा रहा है। इस तकनीक में, मछलियों को एक टैंक में पाला जाता है, जिससे उनकी देखभाल में बिजली और मौसम की बाध्यता कम हो जाती है।
इजराइल की इन कृषि तकनीकों का प्रयोग करके किसान समुदाय ने अपनी खेती को सुरक्षित और उच्च उत्पादन क्षमता वाली बना ली है, जो उन्हें इस क्षेत्र में अग्रणी बनाता है। इन तकनीकों के जरिये न केवल यहाँ के किसानों से बल्कि देश के तौर पर इजराइल ने तरक्की की दिशा में एक अलग ही पहचान दी है, जिसका अनुकरण आज पूरी दुनिया करना चाहती है।

