नई दिल्ली: अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील (India-US Trade Deal) को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दबाव में लेकर ऐसा समझौता कराया है, जो भारत के किसानों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। राहुल गांधी का कहना है कि इस डील से भारत में कपास, मक्का, ज्वार और सोयाबीन उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान होगा।
वहीं केंद्र सरकार के मंत्री लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि अमेरिका के साथ होने वाली डील में भारत के किसानों, पशुपालकों, मसाला उत्पादकों और मछुआरों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही कह चुके हैं कि कई अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारत के दरवाजे बंद रखे गए हैं।
सरकार की ओर से यह भी बताया जा रहा है कि India-US Trade Deal का अंतिम दस्तावेज तैयार होने में अभी लगभग एक महीना लग सकता है। लेकिन संसद में विपक्ष के विरोध और किसानों को नुकसान की आशंका जताए जाने से भ्रम की स्थिति बढ़ गई है। संयुक्त किसान मोर्चा जैसे संगठन भी डील के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं।
भारत में किन अमेरिकी उत्पादों की एंट्री नहीं होगी
सरकार के अनुसार, अमेरिका से भारत में छिले हुए अनाज, आटा, गेहूं, मक्का, चावल, बाजरा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, दालें, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां नहीं आएंगी।
डेयरी सेक्टर में लिक्विड दूध, दूध पाउडर, क्रीम, दही, छाछ, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज़ को भी भारत में आयात की अनुमति नहीं मिलेगी।
मसालों की बात करें तो काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, तेज पत्ता और सरसों जैसे उत्पाद अमेरिका से भारत नहीं आएंगे।
सरकार ने साफ किया है कि अगर कुछ कृषि उत्पाद अमेरिका से भारत आते भी हैं, तो उन्हें बिना टैरिफ के बाजार में प्रवेश नहीं मिलेगा।
अमेरिका को किन उत्पादों पर टैरिफ छूट नहीं
केंद्र सरकार के मुताबिक, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, छोले, मूंग, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू पर अमेरिका को भारत में किसी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि भारत का कृषि निर्यात बाजार 445 करोड़ डॉलर को पार कर चुका है और यह डील उसमें और तेजी लाने का काम करेगी।
भारत के उत्पादों को मिलेगा अमेरिकी बाजार
सरकार का दावा है कि भारत के मसाले, चाय, कॉफी, नारियल, नारियल तेल, सुपारी, काजू, वेजिटेबल वैक्स, एवोकाडो, केला, अमरूद, आम, कीवी, पपीता, अनानास और मशरूम जैसे उत्पाद अमेरिका में जीरो टैरिफ पर बिकेंगे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अमेरिका बांग्लादेश के टेक्सटाइल उत्पादों को जीरो टैरिफ पर बेचेगा, जबकि भारत के कई उत्पादों पर 18 फीसदी शुल्क लगेगा। सरकार ने इस दावे को भ्रामक बताया है।
अमेरिका के किन उत्पादों को भारत में मिलेगी एंट्री
अमेरिका का कहना है कि भारत में सूखे डिस्टिलर अनाज (शराब निर्माण में उपयोग), पशु चारे के लिए लाल ज्वार, सूखे मेवे, ताजे फल, प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन, स्पिरिट्स और कुछ अन्य उत्पादों की एंट्री होगी। हालांकि अमेरिका ने 7 फरवरी को किए गए कुछ दावों में संशोधन भी किया है। अमेरिकी दालों और डिजिटल सेवाओं पर से भारतीय टैरिफ हटाने की बात अब लागू नहीं होगी, यानी इन पर भारत टैरिफ वसूलेगा। इसके अलावा 500 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य को भी बाध्यकारी शर्त नहीं रखा गया है।
कुल मिलाकर, डील के पूरे दस्तावेज सामने आने तक भ्रम बना रह सकता है, लेकिन सरकाऱ सरकार का कहना है कि किसी भी स्थिति में भारत के किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: भारतीय कृषि को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होगा: कृषि मंत्री

