चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने गन्ना उत्पादक किसानों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण निर्णय लागू कर दिया है। अब 4 फुट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना रोपण करने वाले किसानों को 5 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से सहायता दी जाएगी, जो पहले 3 हजार रुपए प्रति एकड़ थी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने विभागीय समीक्षा बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा बजट में की गई घोषणा को मंजूरी मिल चुकी है। इस फैसले का उद्देश्य आधुनिक खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
आवेदन और भुगतान की प्रक्रिया तय
सरकार ने इस योजना के लिए आवेदन और भुगतान की स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की है। किसान 15 अक्तूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद फरवरी 2027 के अंत तक भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।
एकल आंख विधि पर भी बढ़ी सहायता
सरकार ने एकल आंख विधि से गन्ना बुवाई करने वाले किसानों को भी राहत दी है। इस पद्धति पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि को 3 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति एकड़ कर दिया गया है। इससे किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में मदद मिलेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।
सहकारी मिलें देंगी कटाई में सहयोग
कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य की सहकारी चीनी मिलें किसानों को फसल कटाई के लिए आवश्यक मशीनें उपलब्ध कराएंगी। इससे किसानों की कटाई लागत में कमी आएगी और समय की भी बचत होगी। यह कदम खेती को अधिक आसान और सुलभ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
टिश्यू कल्चर तकनीक से बढ़ेगा उत्पादन
गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार टिश्यू कल्चर तकनीक को बढ़ावा दे रही है। इस तकनीक से तैयार पौधे किसानों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। करनाल सहकारी चीनी मिल द्वारा तैयार पौधे अक्तूबर से दिसंबर 2026 के बीच वितरित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली फसल प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
आधुनिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सरकार की ये पहलें राज्य में आधुनिक खेती को बढ़ावा देने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार और निदेशक राजनारायण कौशिक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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