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हर पैक्स का अपना कृषि यंत्र बैंक होगा: नीतीश कुमार

पटना: रविवार को बापू सभागार, पटना में देश की शीर्ष सहकारी संस्थाओं द्वारा सहकारिता महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होने सहकारी संस्थाओं से कहा कि, “यदि आपकी कोई मांग हो तो सहकारिता मंत्री को बताएँ, सरकार इस पर काम करेगी।” उन्होने आगे कहा कि, “पैक्स से अभी 1.24 करोड़ लोग जुड़े हैं। महिला किसानों की संख्या 2 लाख से बढ़ कर 36 लाख हो गई। यही नहीं सहकारी संस्थाओं में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।”

सहकारिता पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हम सहकारिता की इज्जत करते हैं। पहले पैक्स को कोई नहीं जानता था। हमलोगों ने धान खरीद की जिम्मेदारी पैक्स को दी। हर पैक्स का अपना कृषि यंत्र बैंक होगा। इसके लिए 15-15 लाख रुपए दे रहे हैं। 2917 पैक्स को जेएम पोर्टल से राशि दी जा चुकी है। इसमें 10 लाख केंद्र व 5 लाख राज्य सरकार दे रही है। पैक्स को सुविधा दी है आगे और भी देंगे। पहले मानसून 15 जून तक आता था, लेकिन अब देर होने लगी है। औसत वर्षापात 13 वर्षों में 1200-1500 मिलीमीटर से घटकर अब 901 एमएम हो गया है। भूजल स्तर नीचे जा रहा है। इसलिए मौसम के अनुसार खेती, ऊर्जा संरक्षण, पुआल को खेतों में जलाने से रोकने के लिए विभिन्न कृषि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। पैक्स भी कृषि यंत्र बैंक में हैपी सीडर, रोटरी मल्चर, स्ट्रां रीपन स्टां बेलर कृषि यंत्र जरूर रखें। इन कृषि यंत्रों से पुआल जलाने से रोकने में मदद मिलेगी।”


कार्यक्रम में मौजूद इफको के एमडी डॉ. उदय शंकर अवस्थी ने कहा कि, “रासायनिक खाद से मिट्टी को बचाने के लिए लिक्विड नाइट्रोजन किसानों को उपलब्ध कराया। जमीन -जल को बचाने की जिम्मेदारी हम सब पर है।”  

एनसीयूआई व कृभको के अध्यक्ष डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव भी उपस्थित थे। उन्होने राज्य में कृषि और सहकारिता की स्थिति पर संतोष जाहीर करते हुए कहा कि, “बिहार में कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर काम हुए हैं। स्कूलों व कॉलेजों में सहकारिता के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए।”

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