चंडीगढ़: किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (पंजाब) ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कर्ज राहत को प्रमुख मांग के रूप में उठाया।
एमएसपी और कर्ज राहत पर जोर
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बढ़ती खेती लागत और आर्थिक दबाव के बीच किसानों और कृषि मजदूरों के लिए राहत जरूरी है। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी रूप देने और कर्ज माफी जैसे कदमों की आवश्यकता पर बल दिया। ज्ञापन में जल संरक्षण को कृषि के भविष्य के लिए अहम बताते हुए बेहतर प्रबंधन की मांग की गई। साथ ही फसल बीमा प्रणाली को मजबूत करने, भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों की समीक्षा करने और किसान आंदोलनों से संबंधित मामलों को वापस लेने की भी मांग उठाई गई।
समाधान आधारित प्रस्ताव देने की सलाह
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किसान प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनके मुद्दों को राज्य और केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने संगठनों से व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान के साथ विस्तृत प्रस्ताव देने को कहा, ताकि समस्याओं का प्रभावी समाधान निकल सके।
चंडीगढ़ में दर्ज मामलों पर अपडेट
बैठक में राज्यपाल ने जानकारी दी कि किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा जा चुका है और इस पर प्रक्रिया जारी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने राज्यपाल द्वारा उनकी समस्याएं सुनने और समाधान का भरोसा देने के लिए आभार व्यक्त किया। संगठन को उम्मीद है कि आने वाले समय में किसानों के मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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