नई दिल्ली: रबी सीजन में गेहूं किसानों की आय का सबसे बड़ा सहारा माना जाता है। अच्छी पैदावार के लिए केवल सही समय पर बुवाई ही नहीं, बल्कि समय पर और सही तरीके से सिंचाई करना भी बेहद जरूरी होता है। खासतौर पर गेहूं की पहली सिंचाई को फसल की नींव कहा जाता है। अगर इस चरण में लापरवाही हुई, तो पौधों की बढ़वार कमजोर रह सकती है और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है।
गेहूं की पहली सिंचाई कब करें (Wheat First Irrigation Time)
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की प्रथम सिंचाई बुवाई के 20 से 25 दिन बाद करनी चाहिए। इस अवस्था को क्राउन रूट इनिशिएशन (CRI Stage of Wheat) कहा जाता है। इसी समय पौधों की जड़ें फैलती हैं और नए तने निकलते हैं। अगर इस समय पानी नहीं मिला, तो पौधे ठीक से विकसित नहीं हो पाते और आगे चलकर बालियों की संख्या कम हो जाती है।
CRI स्टेज पर सिंचाई का महत्व
CRI स्टेज पर सिंचाई करने से गेहूं के पौधों की जड़ प्रणाली मजबूत बनती है। मजबूत जड़ें मिट्टी से पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करती हैं, जिससे फसल की बढ़वार तेज होती है। इस चरण की सिंचाई चूकने पर बाद की सिंचाइयों का पूरा लाभ भी फसल को नहीं मिल पाता।
गेहूं की पहली सिंचाई का सही तरीका
पहली सिंचाई के दौरान खेत में न ज्यादा सूखापन होना चाहिए और न ही पानी भरना चाहिए। पानी धीरे-धीरे और समान रूप से देना सबसे सही तरीका माना जाता है। अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और पौधे पीले पड़ सकते हैं, जबकि संतुलित सिंचाई से पौधे स्वस्थ रहते हैं।
खेत का समतल होना क्यों जरूरी है
सिंचाई से पहले खेत का समतल होना बेहद जरूरी है। समतल खेत में पानी हर हिस्से में बराबर फैलता है, जिससे सभी पौधों को समान नमी मिलती है। अगर खेत में गड्ढे या ढाल होगी, तो कहीं ज्यादा और कहीं कम पानी जाएगा, जिससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
पहली सिंचाई के साथ खाद का सही इस्तेमाल
पहली सिंचाई के समय सीमित मात्रा में नाइट्रोजन खाद देना गेहूं के लिए फायदेमंद होता है। इससे पौधे हरे-भरे और मजबूत बनते हैं। हालांकि ज्यादा खाद देने से नुकसान हो सकता है, इसलिए मिट्टी की जांच और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही खाद का प्रयोग करना चाहिए।
मौसम को देखकर करें सिंचाई
अगर पहली सिंचाई के समय बारिश की संभावना हो, तो कुछ दिन इंतजार किया जा सकता है। बारिश का पानी गेहूं की फसल के लिए लाभकारी होता है और सिंचाई की लागत भी कम करता है। इसलिए मौसम की जानकारी के आधार पर ही सिंचाई करना बेहतर रहता है।
सही पहली सिंचाई से कैसे बढ़ेगी गेहूं की पैदावार
सही समय और सही तरीके से की गई पहली सिंचाई गेहूं की अच्छी पैदावार की मजबूत नींव होती है। CRI स्टेज पर पानी देने से पौधे मजबूत बनते हैं, बालियां ज्यादा निकलती हैं और कुल उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। अगर किसान इस अहम चरण पर ध्यान दें, तो रबी सीजन में गेहूं की पैदावार के साथ-साथ उनकी आमदनी भी बढ़ सकती है।
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