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कम लागत में ज्यादा मुनाफा दे सकती है मेथी की खेती, CT-114 किस्म बनी किसानों की पहली पसंद

भारत में मसालों की खेती सदियों से किसानों के लिए आमदनी का एक प्रमुख साधन रही है, और उन्हीं में से एक अहम फसल है मेथी। मेथी का उपयोग भारतीय रसोई में मुख्यतः मसाले के रूप में होता है, लेकिन इसका महत्व केवल स्वाद तक सीमित नहीं है। इसके दाने अचार बनाने से लेकर आयुर्वेदिक औषधियों और सौंदर्य प्रसाधनों तक में उपयोग किए जाते हैं। सर्दियों में तो इसका प्रयोग विशेष रूप से लड्डू व अन्य पौष्टिक व्यंजनों में किया जाता है। इसके औषधीय गुणों के कारण यह सेहत के लिहाज से भी काफी लाभकारी मानी जाती है। इन्हीं खूबियों की वजह से मेथी को एक नकदी फसल के रूप में भी देखा जाता है और इसकी खेती से किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

अगर किसान जुलाई के अंत या अगस्त की शुरुआत में मेथी की व्यावसायिक खेती शुरू करें, तो मौसम की अनुकूलता और पौधे की तेजी से बढ़ने वाली प्रकृति के कारण उन्हें भरपूर लाभ मिल सकता है। खासकर अगर वे मेथी की उन्नत किस्म CT-114 का चयन करें, तो उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार देखने को मिलेगा। इस किस्म की पत्तियां काफी चौड़ी होती हैं और एक बार बुवाई के बाद इसमें तीन बार तक कटाई की जा सकती है। इसके बीज छोटे आकार के होते हैं, लेकिन एक एकड़ में करीब आठ क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जो इसे अत्यंत लाभकारी बनाता है। इस किस्म के बीज को अब किसान ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं। राष्ट्रीय बीज निगम ने किसानों की सुविधा के लिए ONDC प्लेटफॉर्म पर CT-114 किस्म का बीज उपलब्ध कराया है। यहां पर किसान 60 ग्राम का बीज पैकेट मात्र 80 रुपये में खरीद सकते हैं, वह भी 22 फीसदी की छूट के साथ। इसे ऑनलाइन ऑर्डर करने के बाद किसान इसे अपने घर पर डिलीवर करवा सकते हैं, जिससे उन्हें बाजार की दौड़-धूप से भी राहत मिलती है।

मेथी की बुवाई देश के विभिन्न इलाकों में पारंपरिक रूप से छिड़काव विधि से की जाती रही है, लेकिन अब कृषि वैज्ञानिकों की सलाह पर किसान कतारों में बीज की बुवाई को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसकी वजह यह है कि कतार विधि से बुवाई करने पर निराई-गुड़ाई और कीट-रोग नियंत्रण आसान हो जाता है। साथ ही पौधों को पर्याप्त हवा और धूप भी मिलती है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका कम हो जाती है। आज के समय में जब पारंपरिक खेती में लाभ की संभावनाएं कम होती जा रही हैं, ऐसे में मेथी जैसी फसल किसानों को नया विकल्प और उम्मीद देती है। कम लागत, औषधीय गुण, बाजार में स्थायी मांग और आसान विपणन व्यवस्था इसे एक आदर्श नकदी फसल बनाते हैं। ऐसे में जो किसान कम समय में अच्छा मुनाफा कमाना चाहते हैं, उनके लिए मेथी की खेती एक बेहतर विकल्प बन सकती है।

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