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बिहार के किसानों को कृषि ऋण पर मिलेगी 1 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज सहायता

Bihar farmers to get 1% additional interest subsidy on agricultural loans

पटना: खेती के लिए कृषि ऋण लेने वाले किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब किसानों को बैंक से मिलने वाले कृषि ऋण पर केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली ब्याज सहायता के अतिरिक्त बिहार सरकार भी 1 प्रतिशत की सहायता देगी। इससे समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों पर ब्याज का बोझ कम होगा और खेती में निवेश के लिए उन्हें सस्ती वित्तीय सुविधा मिल सकेगी। इस योजना को लागू करने के लिए कृषि विभाग और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। कृषि विभाग की ओर से कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक की ओर से उप महाप्रबंधक भोला प्रसाद सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

सभी फसलों की खेती करने वाले किसानों को लाभ

राज्य सरकार ने इस ब्याज सहायता योजना में किसी एक फसल तक लाभ सीमित नहीं रखा है। किसान जिस भी फसल की खेती के लिए पात्र कृषि ऋण लेते हैं, उन्हें योजना का लाभ मिल सकता है।

बटाईदार और पट्टेदार किसान भी दायरे में

योजना की खास बात यह है कि इसका लाभ केवल जमीन के मालिक किसानों तक सीमित नहीं रहेगा। बटाई पर खेती करने वाले किसान, मौखिक पट्टेदार और संयुक्त देयता समूह के सदस्य भी पात्र होने पर ब्याज सहायता का लाभ ले सकेंगे। इससे उन किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है, जो जमीन के मालिक नहीं होने के बावजूद खेती का खर्च उठाते हैं और कृषि कार्यों के लिए बैंक से ऋण लेते हैं।

कृषि ऋण पर 4 प्रतिशत तक ब्याज सहायता

किसानों को कृषि ऋण पर केंद्र सरकार की ओर से पहले से 3 प्रतिशत ब्याज सहायता मिलती है। अब बिहार सरकार की ओर से अतिरिक्त 1 प्रतिशत सहायता दिए जाने के बाद पात्र किसानों को कुल 4 प्रतिशत तक ब्याज सहायता मिल सकेगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ रुपये का प्रावधान

राज्य सरकार ने इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। योजना को राज्य में लागू करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक को राज्य एजेंसी के रूप में दी गई है। योजना का लाभ बड़े किसानों के साथ-साथ लघु, सीमांत और अन्य श्रेणी के पात्र किसानों को भी मिलेगा। सरकार का उद्देश्य कृषि ऋण की लागत कम करके किसानों को खेती में आवश्यक निवेश के लिए प्रोत्साहित करना है।

3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर अतिरिक्त राहत

योजना के तहत अधिकतम 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बिहार सरकार 1 प्रतिशत ब्याज सहायता देगी। इसमें फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड के तहत मिलने वाला ऋण और कम अवधि के कृषि उत्पादन ऋण शामिल हैं।

समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

यह अतिरिक्त ब्याज सहायता उन किसानों को मिलेगी, जो निर्धारित समय पर अपने ऋण की किस्त या पूरा ऋण चुका देंगे। यानी समय पर भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज के बोझ में अतिरिक्त राहत दी जाएगी। यह सुविधा वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों से कृषि ऋण लेने वाले पात्र किसानों के लिए लागू होगी।

बीज, खाद और सिंचाई में बढ़ेगा निवेश

सरकार का मानना है कि सस्ती ब्याज दर पर कृषि ऋण मिलने से किसान खेती की जरूरी जरूरतों पर बेहतर तरीके से खर्च कर सकेंगे। किसान ऋण की राशि का इस्तेमाल बीज, खाद, सिंचाई, कीट नियंत्रण और अन्य कृषि कार्यों में कर सकते हैं। ब्याज का बोझ कम होने से किसानों को कृषि लागत संभालने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक निवेश करने में मदद मिल सकती है। इससे बैंकिंग व्यवस्था के जरिए किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की दिशा में भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

आसान ऋण व्यवस्था बनाना भी जरूरी

सरकार का उद्देश्य किसानों को समय पर और कम ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराना है। कृषि विभाग और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के बीच हुआ समझौता इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, कई किसानों के लिए बैंक से कृषि ऋण प्राप्त करना अभी भी आसान नहीं है। ऐसे में केवल ब्याज सहायता पर्याप्त नहीं होगी। पात्र किसानों को बिना अनावश्यक परेशानी के समय पर ऋण मिले, इसके लिए ऋण प्रक्रिया को भी सरल और पारदर्शी बनाना जरूरी होगा। यदि योजना का क्रियान्वयन प्रभावी तरीके से होता है, तो बिहार के किसानों को कृषि ऋण के ब्याज में राहत मिलने के साथ खेती में निवेश बढ़ाने और कृषि कार्यों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

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