पूरे विश्व में प्राकृतिक ईंधन की खपत तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में पेट्रोल- डीजल के भंडार को जल्द खत्म होने का खतरा मडराने लगा है। लेकिन भारत के साथ- साथ अन्य देशों ने पेट्रोल- डीजल की खपत को कम करने के लिए बेहतर विकल्प को चुन लिया है। अब प्राकृतिक ईंधन की जगह जैविक ईंधन के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। खास कर भारत में गन्ने के रस से हर साल करोड़ों लीटर एथेनॉल बनाया जा रहा है, जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जा रहा है। इससे किसानों की अच्छी खासी कमाई भी हो रही है।
प्राकृतिक ईंधन के विकल्प के रूप में उभरे इस जैविक ईंधन से किसानों की हो रही है कमाई

