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स्वस्थ मुर्गियों से बढ़ेगा अंडा उत्पादन, पोल्ट्री फार्म में जरूरी है वैक्सीनेशन और साफ-सुथरा प्रबंधन

नई दिल्ली: पोल्ट्री फार्म में मुर्गा-मुर्गियों की सेहत जितनी बेहतर होगी, उनका विकास और अंडा उत्पादन भी उतना ही अच्छा होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि मुर्गियां तब खुश रहती हैं जब वे स्वस्थ होती हैं और फार्म का वातावरण अनुकूल होता है। ऐसे में अच्छा प्रबंधन और समय पर वैक्सीनेशन अंडों के बेहतर उत्पादन के लिए जरूरी बन जाता है। पोल्ट्री फार्म में कई बीमारियां ऐसी हैं जिनका इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन उन्हें समय पर दी गई वैक्सीन से रोका जा सकता है। यही कारण है कि फार्म पर वैक्सीनेशन को नियमित रूप से और सही तरीके से करना आवश्यक है।

पीने के पानी से वैक्सीन देने की प्रक्रिया

अगर फार्म में नल का पानी इस्तेमाल किया जाता है तो उसमें मौजूद क्लोरीन को हटाने के लिए पहले 5 लीटर पानी में लगभग 40 ग्राम दूध पाउडर मिलाना चाहिए। फिर इसी पानी में वैक्सीन मिलाकर मुर्गियों को दिया जाए। वैक्सीन देने से 2–3 घंटे पहले मुर्गियों को प्यासा रखना जरूरी है ताकि वे टीके वाला पानी अच्छी तरह से पी सकें। टीके वाला पानी साफ बर्तनों में दें और शेड में इधर-उधर बैठे चूजों को हिलाकर उन्हें भी पानी पीने को प्रेरित करें। वैक्सीन देने के बाद सामान्य पानी पिलाने में कम से कम एक घंटे का अंतर रखें।

बायो-सिक्योरिटी है अनिवार्य उपाय

कुछ रोग वैक्सीनेशन के बावजूद फैल सकते हैं, ऐसे में बायो-सिक्योरिटी फार्म के लिए जरूरी है। पोल्ट्री फार्म में गंदगी और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए खाद को इधर-उधर न फेंकें। गोबर की खाद को फार्म से दूर ज़मीन में दबा दें या कम्पोस्ट बनाकर सुरक्षित तरीके से निपटाएं। फार्म में प्रवेश और निकासी के समय हाथ और जूते धोने की आदत डालें। फीड और पानी देने वाले सभी उपकरण रोज़ साफ करें। इन उपायों से संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।

वैक्सीनेशन में बरतें ये सावधानियां

बीमार मुर्गियों को कभी भी वैक्सीन न दें। वैक्सीनेशन का समय तय हो और उसे पूरी सटीकता के साथ दिया जाए। वैक्सीन को हमेशा ठंडी जगह या कोल्ड स्टोरेज में रखें और देने के समय साफ पानी और उपकरणों का उपयोग करें। स्वस्थ मुर्गियां न केवल अच्छा खाती हैं, बल्कि उनका व्यवहार भी बेहतर होता है और वे ज़्यादा अंडे देती हैं। पोल्ट्री फार्म को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि मुर्गियों का समय पर वैक्सीनेशन हो और फार्म में साफ-सफाई तथा बायो-सिक्योरिटी का पालन किया जाए। इससे उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ फार्म की गुणवत्ता और लाभ भी बढ़ेगा।

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