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सामान्य से कम बारिश की वजह से गेहूं के रकबे में कमी

नई दिल्ली: देश के विभिन्न हिस्सों में गेहूं की बुवाई जारी है, लेकिन इस फसल पर सूखे का असर देखने को मिल रहा है। दरअसल, अक्टूबर में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई थी। वहीं, नवंबर में भी कमोबेश बारिश का यही हाल रहा। जबकि इस दौरान तापमान गर्म रहा। इस वजह से गेहूं की बुवाई प्रभावित हुई है। दिसंबर के पहले सप्ताह में पिछले साल की तुलना में 4 फीसदी तक रकबा कम हुआ है। माना जा रहा है कि इस साल गेहूं बुवाई का रकबा पिछले साल की तुलना में 4 से 5 फीसदी तक कम रह सकता है। वहीं इस साल को अल नीनो के साल के तौर पर घोषित किया गया है। बताया जा रहा है कि फरवरी के बाद अल नीनो का असर और तेज होगा।

मार्च 2022 में अधिक गर्मी पड़ने की वजह से गेहूं का उत्पादन प्रभावित हुआ था। वहीं 2023 में अप्रैल में बैमौसम बारिश ने गेहूं पर कहर बरपाया था। अब 2024 को भी अल नीनो का साल कहा जा रहा है, ऐसे में गेहूं उत्पादन पर असर पड़ने की संभावनाएं साफ-साफ दिख रही हैं।

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