पटना: सात निश्चय-2 के बाद अब सात निश्चय-3 के तहत बिहार के विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने योजनाओं का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। बिहार में डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति (डीसीएस) और सभी पंचायतों में “सुधा बिक्री केंद्र” स्थापित करने की परिकल्पना को सशक्त रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया।
मंत्री ने योजनाओं को तेज करने पर दिया जोर
बैठक की अध्यक्षता विभागीय मंत्री सुरेंद्र मेहता ने की। उन्होंने डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए दूध की होम डिलीवरी सेवा को मजबूत करने और मत्स्य किसान उत्पादक संघ के गठन को गति देने पर विशेष जोर दिया। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से किसानों की आय बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
ताजी मछली के लिए शुरू होंगे ‘फ्रेश कैच’ फिश आउटलेट
बैठक में इस बात पर चिंता जताई गई कि मछली खाने वाले उपभोक्ताओं को अक्सर ताजी मछली नहीं मिल पाती। इसे देखते हुए विभाग की ओर से “फ्रेश कैच” नाम से फिश आउटलेट खोलने के प्रस्ताव पर विचार किया गया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को ताजी और गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही मत्स्य पालकों को तकनीकी परामर्श और त्वरित समाधान देने के लिए मत्स्य चिकित्सक एवं मत्स्य टेलीमेडिसिन सेवाएं शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
इलेक्ट्रिक कार्ट से घर-घर पहुंचेगा दूध
उच्च स्तरीय बैठक में विभागीय सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने विभिन्न योजनाओं पर विषयवार विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान उपभोक्ताओं तक दूध और दुग्ध उत्पादों की सीधी आपूर्ति को लेकर इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा की गई। इसका उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल तरीके से लोगों तक गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
मत्स्य किसान उत्पादक संघ को मिलेगी मजबूती
बैठक में डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर सहमति बनी। वहीं मत्स्य पालन क्षेत्र में मत्स्य किसान उत्पादक संघ (FFPO) के गठन को गति देने, उन्नत और उच्च गुणवत्ता वाली मत्स्य प्रजातियों के चिन्हीकरण तथा मत्स्य पालकों को समय पर गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में कॉम्फेड के प्रबंध निदेशक समीर सौरभ, विशेष सचिव गीता सिंह, निदेशक गव्य केदारनाथ सिंह, निदेशक मत्स्य दिलीप कुमार सहित कॉम्फेड और मत्स्य निदेशालय के कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव भी रखे।
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