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केंद्र सरकार कर सकती है गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी

Sugarcane field and road with white cloud in Thailand

नई दिल्ली: गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। यदि सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द गन्ने के रेट में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसी खबर मिल रही है कि चीनी मिलें बहुत जल्द गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी का फैसला ले सकती हैं। चीनी मिलों के इस कदम से देश भर के लाखों किसानों को काफी फायदा होगा। देश के एक प्रमुख अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी मिलें गन्ने का रेट 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बढ़ा सकती हैं। अगर चीनी मिलें ऐसा फैसला कर लेती हैं, तो अक्टूबर महीने से किसानों को बढ़ा हुआ रेट मिलेगा।

इस बात की काफी संभावना है कि केंद्र सरकार इस महीने के अंत तक गन्ने का एफ़आरपी बढ़ाने का फैसला ले सकती है। यहां कीमत का मतलब गन्ने की एफ़आरपी से है। यानी गन्ने से जितना ज्यादा चीनी की रिकवरी होगी, किसानों को गन्ने का दाम उतना ही ज्यादा मिलेगा। दरअसल, चीनी बनाने से पहले गन्ने से उसका जूस निकाला जाता है। इसके बाद जूस से चीनी बनाया जाता है। अगर गन्ने से जितना अधिक जूस निकलेगा उतना अधिक चीनी का उत्पादन होगा। ऐसे में फार्मर को अधिक से अधिक गन्ने की कीमत मिलेगी। वर्तमान में 10.25% रिकवरी पर गन्ने का भाव 305 रुपये प्रति क्विंटल है।

गौरतलब है कि कमिशन फॉर एग्रीकल्चरल कॉस्ट्स एंड प्राइसेस (सीएसीपी) ने गन्ने का रेट बढ़ाने के लिए सरकार से मांग की थी। सीएसीपी ने कहा है कि गन्ने की कीमत 305 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 315 रुपये प्रति क्विंटल की जाए। इसके अलावा हरियाणा समेत कई अन्य राज्यों के गन्ना किसान गन्ने की कीमत में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। कई कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल उत्पादन को ध्यान में रखते हुए भी गन्ने का रेट बढ़ाए जाने की योजना हो सकती है। अभी सरकार पेट्रोल में 20% इथेनॉल की मात्रा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। यह तभी संभव हो पाएगा, जब गन्ने से अधिक से अधिक इथेनॉल का उत्पादन होगा। यही वजह है कि सरकार गन्ने का रकबा बढ़ाने और किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए गन्ने का रेट बढ़ा रही है।

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