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कैटल हेल्थ मॉनिटर डिवाइस: इस नई तकनीक से खुलेंगे गाय की सेहत के राज

नई दिल्ली: पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी विस्तार की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। अब गाय की सेहत की समीक्षा हेतु पशुपालकों के लिए एक नई तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है। इसके माध्यम से पशुपालकों को काफी सहूलियत मिलेगी। नेशनल डेयरी अनुसंधान संस्थान (NDRI) और आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर “कैटल हेल्थ मॉनिटर डिवाइस” को तैयार किया गया है, जिसके उपयोग से पशुपालकों को गाय के बीमार होने से पहले ही SMS के द्वारा जानकारी मिल जाएगी।

कैटल हेल्थ मॉनिटर डिवाइस गाय के जबड़े पर लगाया जाएगा और इसके सेंसर्स के माध्यम से गाय के स्वास्थ्य की 24 घंटे की जानकारी किसानों को मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध हो जाएगी। इससे किसान गाय के बीमार होने से पहले ही आवश्यक उपाय किए जा सकेंगे। इस डिवाइस के जरिये पशुपालक गाय के स्वास्थ्य को मॉनिटर कर पाएगे, जिसमें बीमारियों की पहचान और उनका इलाज भी शामिल है। इस डिवाइस को इस महीने के अंत तक बनारस में लॉन्च करने की योजना है और इसके लिए सीडैक के वैज्ञानिकों ने बनारस का दो बार दौरा भी किया है।

उत्तर प्रदेश में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से “कैटल हेल्थ मॉनिटर डिवाइस” को लॉन्च करने की तैयारी है। इस डिवाइस को बनाने के लिए साई इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। इसके सेंसर के माध्यम से दूध की सेहत की जानकारी किसानों को मोबाइल ऐप के जरिए उपलब्ध होगी और यह डिवाइस बैक्टीरियल इन्फेक्शन की जांच के लिए भी प्रयुक्त हो सकेगा। इसका ट्रायल पहले चरण में कुछ प्रगतिशील किसानों के साथ होगा और इस डिवाइस को मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया जा रहा है। यह डिवाइस पशुपालकों को पशुओं की सेहत की निगरानी करने के लिए एक महत्वपूर्ण और उपयोगी उपाय प्रदान करेगा। इसके माध्यम से, पशुपालक गायों के स्वास्थ्य की निगरानी करने में सुविधाजनक तरीके से कदम उठा सकेंगे, जो पशु स्वास्थ्य और उत्पादकता के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, गाय और भैंस के दूध की सेहत की जांच के लिए “मैस्टिटिस डिटेक्टर डिवाइस” भी तैयार की गई है, जिसका उपयोग दूध में पाए जाने वाले बैक्टीरिया संबंधी इन्फेक्शन की जांच के लिए किया जा सकता है। इस पोर्टेबल डिवाइस में किसी भी तरह के केमिकल की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि इससे तुरंत दूध की सेहत की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। नेशनल डेयरी रिसर्च के फॉर्म में इसका ट्रायल पूरा किया गया है और इसे बनारस में जल्द लांच किया जाएगा।

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